भोपाल। प्रदेश कांग्रेस के 'चौकीदार चोर है" शीर्षक से प्रस्तुत किए गए विज्ञापनों पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने रोक लगाते हुए अनुमतियों को निरस्त कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इन विज्ञापनों के प्रसारण को रोकने की अपील की थी।

पार्टी की ओर से शांतिलाल लोढ़ा ने आपत्ति उठाई थी कि विज्ञापन में अपमानजनक और व्यक्ति को बदनाम करने वाली भाषा का उपयोग किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चौकीदार के नाम से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रसिद्ध हैं, जिन्हें विज्ञापन में चोर बताया गया है जो अपमानजनक है।

किसी भी विज्ञापन में किसी भी व्यक्ति विशेष के नाम से आरोप नहीं लगाए जा सकते हैं, यह संविधान का भी उल्लंघन है। विज्ञापन से प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय को ठेस पहुंची है। कांग्रेस ने यह भी नहीं बताया चौकीदार चोर से आशय उनका किस व्यक्ति से है। इसलिए विज्ञापन को निरस्त किया जाए।

भाजपा की आपत्ति पर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने यह तर्क दिया था कि 'चौकीदार चोर है" से आशय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं है। हालांकि वे यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि उनका आशय किससे है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन तथा अनुवीक्षण समिति के अध्यक्ष वीएल कांताराव ने संबंधित ऑडियो और वीडियो विज्ञापन को किसी भी माध्यम से प्रचार-प्रसार करने पर रोक लगा दी है। उन्होंने इन्हें जमा करवाने का आदेश देने के साथ यह भी कहा कि राज्य स्तरीय विज्ञापन प्रमाणन समिति ने जो विज्ञापन आदेश जारी किए थे, उनको निरस्त करते हुए अपील स्वीकार की जाती है। इस आदेश से असंतुष्ट होने पर अपील उच्चतम न्यायालय में की जा सकती है।