भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने देश की चर्चित लोकसभा सीटों में शुमार हो चुकी भोपाल सीट से साध्‍वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को टिकट दिया है। प्रज्ञा सिंह का पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता दिग्विजय सिंह से मुकाबला होगा।

प्रज्ञा सिंह ठाकुर को साध्वी प्रज्ञा के रुप में जाना जाता है। प्रज्ञा सिंह 2008 में तब पहली बार चर्चा में आईं थीं, जब 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में उन्हें गिरफ्तार किया गया। वह नौ साल तक जेल में रहीं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने कहा था कि उन्हें लगातार 23 दिन तक गंभीर यातना दी गई थी।

साध्वी प्रज्ञा का जन्म मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कछवाहा गांव में हुआ था। साध्वी प्रज्ञा भारती 2007 के आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी हत्याकांड में भी आरोपी थीं। हालांकि कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इतिहास में स्नातकोत्तर उपाधि लेने के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में भी प्रज्ञा सक्रिय सदस्य रह चुकी हैं। उनका शुरुआत से ही राष्ट्रवादी संगठनों की तरफ रुझान था।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को साध्वी प्रभा भारती का कट्टर विरोधी माना जाता है। सिंह ने ही यूपीए सरकार के कार्यकाल में 'भगवा आतंकवाद ' का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। यही कारण है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दिग्विजय के खिलाफ कट्टर हिंदूवादी चेहरा उतारा है।

भाजपा में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मैंने औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ले ली है। मैं चुनाव लड़ूंगी और जीतूंगी भी। मेरे पास शिवराज सिंह चौहान का समर्थन है।