आशीष दीक्षित, होशंगाबाद। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने डेढ़ साल से लगे आपातकाल को हटाकर 1977 में लोकसभा चुनाव की घोषणा कर दी थी। होशंगाबाद और खंडवा लोकसभा जीतना उनके लिए प्राथमिकता थी। 1977 में खंडवा और होशंगाबाद के सिवनीमालवा बानापुरा में सभा करना तय था। किन्ही कारणों से अचानक सिवनीमालवा बानापुरा की सभा को कैंसिल करने की बात स्टाफ से कह दी। खंडवा में सभा करने के बाद उनका काफिला भोपाल के लिए रवाना हुआ। सिवनी मालवा बानापुरा से पांच किलोमीटर दूर उनका काफिला आगे निकल चुका था। अपने सुरक्षा अधिकारियों और निज सचिव से पूछा कि क्या सिवनीमालवा बानापुरा निकल गया है। तब उन्हें बताया गया कि हम लोग पांच किलोमीटर आगे आ चुके हैं।

हजारीलाल रघुवंशी के घर पहुंचने के लिए वापस पलटाया काफिला

इंदिरा गांधी ने कहा कि काफिले को वापस ले चलिए। उनका स्टाफ भी अचरज में था। काफिला वापस ले जाया गया। इंदिरा गांधी तत्कालीन विधायक हजारीलाल रघुवंशी के घर पहुंचीं और सभा करने की बात कही।

इंदिरा गांधी ने खुली जीप से किया था संबोधित

हजारी लाल रघुवंशी के साथ इंदिरा गांधी बानापुरा चौक पहुंचीं और एक खुली जीप से सभा को संबोधित किया। उन्हें सुनने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। भाषण समाप्त करने के बाद वे सुरक्षा कर्मियों के साथ भोपाल के लिए रवाना हुईं। 1971 में हुए लोकसभा चुनाव में नरसिंहपुर के नीतिराज सिंह जीत चुके थे। कांग्रेस ने 1977 में भी नीतिराज सिंह को टिकट दिया था। लेकिन इस बार परिणाम उल्टे आए। भारतीय लोकदल यानी बीएलडी के हरिविष्णु कामथ ने उन्हें हरा दिया था। इस चुनाव में कामथ को 2,08,596 वोट मिले थे, जबकि नीतिराज को सिर्फ 1,00,425 वोट मिले थे। होशंगाबाद लोकसभा सीट से नीतिराज को हार क्यों मिली इस प्रश्न का जवाब इंदिरा गांधी को कभी नहीं मिल सका था।