भोपाल। लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में प्रदेश की आठ सीटों के लिए प्रचार का शोरगुल शुक्रवार को थम गया। यहां रविवार को सुबह सात बजे से मतदान होगा। 1.49 करोड़ मतदाताओं के मतदान के लिए 18 हजार 411 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 55 हजार पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। मतदान करीब 90 हजार अधिकारी-कर्मचारी कराएंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने शुक्रवार को लोकसभा की देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगौन और खंडवा सीट के चुनाव की तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए समीक्षा की। इस दौरान जिले के अधिकारियों से मतदान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फीडबैक लिया।

वहीं, शाम छह बजे चुनाव को लेकर प्रचार थम गया। अब कोई जुलूस, आमसभा, रोड शो नहीं हो सकेगा। बाहरी व्यक्तियों को चुनाव क्षेत्र छोड़कर जाना होगा। शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 83 केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल और 49 राज्य सशस्त्र बल की कंपनियां तैनात होंगी। इसके अलावा 18 हजार विशेष पुलिस मतदान केंद्रों में लगाई जाएगी। तीन हजार 378 मतदान केंद्र क्रिटिकल की श्रेणी में रखे गए हैं।

यहां सशस्त्र बल के जवानों की तैनाती के साथ वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। करीब साढ़े तीन हजार ऐसे व्यक्तियों की पहचान भी की गई है जो मतदान को प्रभावित कर सकते हैं। मतदान से पहले सुबह छह बजे से सभी मतदान केंद्रों में मॉकपोल होगा। इसमें ईवीएम में न्यूनतम 50 वोट डालकर देखे जाएंगे। इनका मिलान वीवीपैट की पर्ची से होगा। इसके बाद मतदान शुरू किया जाएगा।

1.61 लाख गर्भवती महिलाओं ने कराया पंजीयन

चौथे चरण में मतदान करने के लिए 1.61 लाख गर्भवती महिलाओं ने पंजीयन कराया है। इन्हें मतदान के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, 1.84 लाख मतदाता साठ साल से अधिक आयु के हैं। 1.56 लाख दिव्यांगजनों ने भी मतदान के लिए पंजीयन कराया है। इन मतदाताओं की मदद के लिए 40 हजार स्वयंसेवक आगे आए हैं।