इंदौर/उज्जैन/भोपाल। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण बुधवार को भी भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश हुई। बारिश की वजह से खुले में रखा हजारों क्विंटल अनाज बर्बाद हो गया। कई जगह बिजली गुल हुई और जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से प्रदेश में पांच और लोगों की मौत के साथ ही इस बारिश में मृतकों की संख्या 20 हो गई।

आसमान पर बादल बने रहने और तेज रफ्तार से हवा चलने के कारण पूरे प्रदेश में दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई। भोपाल में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ,जो सामान्य से 7 डिग्री सेल्सियस कम रहा। बुधवार को सागर में 15.0, रीवा में 5.0, जबलपुर में 2.2, ग्वालियर में 2.0, खजुराहो में 2.0,पचमढ़ी में 1.0, सतना में 1.0 मिमी. बारिश दर्ज की गई।

बारिश से विंध्य-महाकोशल क्षेत्र ज्यादा प्रभावित रहा। इलाके में रविवार से मौसम में आए अचानक बदलाव के बाद मंगलवार देर रात और बुधवार सुबह हुई बारिश से खेतों में रखी कटी फसल और खरीदी केंद्रों में खुले में रखा सैकड़ों क्विंटल अनाज भीग गया। रीवा-सतना में रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, सुबह भी बारिश हुई। नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील में ओलों ने फसल पर खूब कहर ढाया। मंडला, दमोह में बारिश के साथ खूब ओले भी गिरे। जबलपुर में बुधवार शाम को भी बारिश हुई।

उधर, बारिश से विदिशा, सागर, होशंगाबाद, सीहोर सहित सभी जिलों में खरीदी केंद्रों और मंडियों में खुले में रखा लाखों क्विंटल गेहूं भीग गया। बारिश से गेहूं को बचाने के लिए अधिकांश खरीदी केंद्रों में इंतजाम नहीं किए गए थे। साथ ही समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदा गए गेहूं को वेयर हाउस तक भेजने में भी लापरवाही बरती गई। सागर में बुधवार शाम को बारिश के साथ ओले भी गिरे। ग्वालियर- चंबल अंचल के शिवपुरी, दतिया और टीकमगढ़ में ओलों ने फसल ही चौपट कर दी। वहीं मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, भिंड, टीकमगढ़ और ग्वालियर में बारिश से फसलों को खासा नुकसान हुआ है। इस बीच जगह-जगह बिजली के पोल उखड़ने से बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई।

मालवा- निमाड़ अंचल में कई स्थानों पर आंधी, बारिश और ओलों से नुकसानी का मंजर बुधवार को सामने आया है। खुले में रखा गेहूं भीग गया, फसल प्रभावित हुई और पेड़ धराशायी हो गए। अकेले खरगोन जिले में आंधी की चपेट में 20 से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें पांच गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया। 150 विद्युत खंभे टूट गए। टोकसर में चार हाइटेंशन लाइन टावर धराशायी हो गए। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली गुल रही है।

आकाशीय बिजली से इन लोगों की गई जान

शहडोल- रामबाई पति अमृतलाल

सिवनी- खुर्सीपार गांव में किसान कमल सिंह

गुना- राघौगढ़ थाना क्षेत्र में राजू यादव

बड़वानी- जुलवानिया में बसंती बाई (33) पति रतन

छतरपुर- हरपालपुर में देवेंद्र अनुरागी पुत्र किलेदार

हल्की बौछारें पड़ने की संभावना

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एसके डे ने बताया कि वर्तमान में सिर्फ पश्चिमी राजस्थान पर एक प्रेरित कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है हालांकि वह भी कमजोर पड़ चुका है लेकिन दो दिनों में प्रदेश के विभिन्ना स्थानों पर हुई बरसात से वातावरण में नमी बढ़ गई है। इससे एक-दो दिन तक कुछ स्थानों पर दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। हालांकि अब धीरे-धीरे दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।