- गोपालपुरा में हथियारों से लैस बदमाशों ने 1 घंटे तक मचाया उत्पात, तीन मकानों से नगदी व आभूषण लूटे

मनावर। नईदुनिया न्यूज

नगर के गोपालपुरा में शनिवार रात लुटेरों ने दो भाइयों सहित पड़ोस के एक मकान को निशाना बनाया। बदमाश इन तीनों घरों से नगदी व आभूषण लूटकर ले गए। इस दौरान परिजनों को बचाने में एक युवक 15 से 20 बदमाशों से भिड़ गया। फालिया लेकर दौड़ा तो बदमाशों ने युवक पर देशी कट्टे से गोली चला दी। इसमें युवक बाल-बाल बचा। बदमाशों में से कु छ के चेहरे पर नकाब बंधा था तो कु छ के चेहरे खुले थे। सभी बदमाशों की उम्र 20 से 22 वर्ष बताई जा रही है।

गौरतलब है कि इसी वर्ष 5 फरवरी को भी गोपालपुरा में सशस्त्र बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसमें एक घर को निशाना बनाते हुए 60 हजार नगद तथा सोने व चांदी के आभूषण लूट लिए थे। गोविंद पिता भूरालाल ने बताया कि मैं, मेरी पत्नी राधाबाई व पुत्र रुखडू व रितेश रात में सोये थे। रात करीब 1 बजे हमारे मकान के पीछे दरवाजा तोड़ने की आवाज आई। इससे हमारी नींद खुल गई। इतने में बदमाश धड़धड़ाते अंदर घुस आए व मारपीट करने लगे। मेरी पत्नी पर कांच की बोतल से वार कि या। इससे सिर व कंधे पर चोट आई। लट्ठ से मेरी पिटाई कर रुपए व गहने के बारे में पूछकर घर के सामान की तलाशी लेने लगे। समूह के रखे 15 हजार व दुकान की गल्लक से 10 हजार रुपए निकाल लिए। पत्नी के गले से सोने का मंगलसूत्र छीन लिया। साथ ही 2 मोबाइल भी ले गए। इतने में मौका देखकर मेरे दोनों पुत्र कि सी तरह से घर से निकल गए।

हट जा नहीं तो गोली चला देंगे कहकर की फायरिंग

गोविंद के मकान के पास ही छोटे भाई बाबूलाल का मकान है। बाबूलाल के पुत्र बादल ने बताया कि मेरे बड़े पापा के दोनों पुत्रों ने घर से निकलते समय मेरे घर का दरवाजा खटखटाया तथा जान बचाने की खातिर दोनों वहां से भागकर छुपते हुए मोहल्ले वालों को जगाने के लिए निकल गए। मैं कि सी तरह बदमाशों के चंगुल से मेरे बड़े पापा व बड़ी मम्मी को निकालकर अपने घर लाया व दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। बदमाशों ने बाहर का दरवाजा तोड़ दिया, तो हम सबने कि चन में जाकर दरवाजा अंदर से लगा लिया। बदमाशों ने मुझे व मेरे बड़े पापा को बाहर निकालने को कहा तथा कि चन का दरवाजा तोड़ दिया। मेरी मम्मी सुशीलाबाई के साथ मारपीट करने लगे। गुस्से में आकर मैं फालिया लेकर बदमाशों के पीछे दौड़ा, तो उनमें से एक बदमाश बोला हट जा नहीं तो गोली चला देंगे। इतने में ही बदमाश ने देशी कट्टे से फायरिंग कर दी। इसमें मैं बाल-बाल बचा। गोली बाहर रखे कू लर व दीवार पर जाकर लगी। इसी दौरान मेरे बड़े पापा के दोनों पुत्र मोहल्ले में जाकर लोगों को घटना के बारे में बता चुके थे। मोहल्ले वालों ने भी बदमाशों पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद बदमाश भाग गए। बदमाश करीब 1 घंटे तक उत्पात मचाते रहे। घटना के दौरान ही मैंने 1 बजकर 46 मिनट पर पुलिस के डॉयल 100 को फोन लगाया, लेकि न पुलिस का वाहन करीब 1 घंटे बाद आया। जब तक बदमाश भाग चुके थे। सुशीलाबाई ने बताया कि त्योहारों के चलते मैंने सोने का मंगलसूत्र व झूमकी पहने हुए थे। रात को सोते समय एक डिब्बी में रख दिए थे, बदमाश वह ले गए। वहीं पड़ोसी बाबूलाल पिता रिचा ने बताया कि बादल के मकान में घुसने के साथ ही कु छ बदमाश दरवाजा तोड़कर मेरे घर में घुसे तथा मुझे पकड़ लिया। मेरे जेब में रखे 3 हजार रुपए निकाल लिए।

थाना प्रभारी संजय रावत ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर गए व जांच उपरांत प्रकरण दर्ज कर लिया है। बदमाशों को शीघ्र पकड़ने के प्रयास कि ए जाएंगे।

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