मंडला। कान्हा नेशनल पार्क पहुंचीं अभिनेत्री दीया मिर्जा यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर अभिभूत हो गईं। उन्होंने संग्रहालय में आयोजित अनुभूति शिविर में पर्यावरण और जंगल की सुरक्षा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब किसी का जन्मदिन, सालगिरह होती है वे साड़ी-कपड़े या अन्य वस्तुएं उपहार में न देकर उन्हें पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करती हैं। एक संस्थान को भी उन्होंने पौधे लगाने के लिए नियुक्त कर रखा है। यह संस्थान 100 पेड़ जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर लगाता है।

हर वन्य प्राणी प्यारा

उन्होंने बच्चों से कहा कि यहां पर जंगल है, वायु शुद्ध है। शहरों में ऐसी वायु नहीं है, वहां पर हम प्राणायाम करते हैं। दीया मिर्जा ने शीघ्र ही दोबारा आने के लिए कान्हा प्रबंधन एवं बच्चों से वादा किया। शनिवार की सुबह सफारी के दौरान उन्हें बाघ देखने नहीं मिला। 'नईदुनिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह बाघ को ही देखने नहीं आईं बल्कि यहां का हर वन्य प्राणी प्यारा है। टाइगर मिल जाएगा तो उसे भी देखेंगे।