मंदसौर। जिला जेल में कैदियों को सुविधाएं देने को लेकर जेल प्रबंधन पर सनसनीखेज आरोप लगे हैं। आरोप लगाने वाला एक कैदी है। कुछ माह पहले उसके आरोप का वीडियो बनाया गया था, जो अब सामने आया है। इसमें जेल में घर से टिफिन लाने, मांसाहारी भोजन के साथ ही अन्य सुविधाओं के लिए 200 रुपए से 20 हजार रुपए तक के दाम तय किए गए हैं।

इस मामले में एक आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री से लेकर जेल डीआईजी तक को शिकायत भी की है। इधर, आरोपों पर जेलर सुनील शर्मा का कहना है कि हमने सुविधाएं बंद कर सख्ती की तभी तो आरोप लग रहे हैं।

शिकायत और वीडियो को आधार माना जाए तो जेल में हर माह घर टिफिन बुलाने के लिए 20 हजार रुपए, मांसाहारी भोजन करने के लिए लगभग 2 हजार रुपए एक बार के लिए जा रहे थे। इसके अलावा अन्य सामान भी मंगाने के लिए 200-500 रुपए जेल में पदस्थ कर्मचारी वसूल रहे हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता हरिप्रसाद तिवारी ने शिकायत में लिखा है कि जेल में नए आने वाले कैदियों को पुराने कैदियों से पिटाई कराई जाती है, और जैसे ही नया कैदी जेल प्रबंधन के खास कैदियों को रुपए दे देता है मार बंद हो जाती है। इसके अलावा जेल में खाने-पीने के सामान व गांजा-भांग भी प्रहरियों और अन्य द्वारा सप्लाय करने के आरोप लगाए गए है।

इसका भी शुल्क 400 से 500 रुपए फिक्स है। जेल में कैदियों को कभी कभी सड़ी-गली व कीड़े मकोड़े वाली सब्जी परोसने के आरोप को लेकर भी एक वीडियो वायरल हुअा है। जेल में नए आए कैदियों से उनकी हैसियत देखकर अच्छी-खासी रकम ली जा रही है। रुपए नहीं देने पर मैला उठाने व झाडू निकालने के लिए कहा जाता है। इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जेल मंत्री सहित अधिकारियों को भी की गई थी।

जेलर सुनील शर्मा ने कहा कि हमने जेल में सख्ती की तो इस तरह की शिकायते हो रही है। एक कैदी ने तो कोर्ट में जाकर कहा था कि हमे घर से टिफिन नहीं मंगाने दिया जा रहा है। इसके जवाब में कोर्ट में हमने नियम पेश किए। जेल का खाना बिलकुल शुद्धता से बना रहे हैं और सभी को यही खिलाते भी हैं। कई बार सबसे पहले मैं भी चखता हूं। हमारे प्रहरी भी चखते हैं, उसके बाद ही इसे खिलाते हैं।