जलसंकट : बारिश तक शहर की प्यास बुझाना मुश्किल, कालाभाटा बांध में साढ़े चार और रामघाट पर साढ़े आठ फीट पानी ही बचा

मंदसौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर के प्रमुख जल स्त्रोत कालाभाटा बांध में अब मात्र साढ़े चार फीट पानी ही बचा है जबकि रामघाट बैराज पर साढ़े आठ फीट पानी है। इतने पानी से आगामी वर्षा ऋ़तु तक शहर की प्यास बुझाना मुश्किल है। नपा के कर्मचारियों की मानें तो 15 जून के बाद जल संकट के आसार बन सकते है। इसी को देखते हुए नगरपालिका अब कालाभाटा बांध के पार मोरवनी दोह के साथ ही शिवना नदी के गड्ढों से पानी उचील रही है। मोरवनी दोह पर 10-10 हार्स पॉवर की दो मोटरें लगातार 20-20 घंटे प्रतिदिन चलाकर कालाभाटा बांध तक पानी ला रही है। मई माह में नपा यहां से डेढ़ करोड़ गैलन पानी लाएगी, जिससे करीब छह से सात सप्लाई हो जाएगी। इसके अलावा रामघाट बैराज पर पानी खत्म होने के बाद नपा समीक्षा करेगी।

वर्तमान में कालाभाटा बांध पर साढ़े चार एवं रामघाट बैराज पर साढ़े आठ फीट पानी है। नगर के 25 हजार 500 नलों में प्रतिदिन 28 लाख गैलन पानी सप्लाई होता है, इसमें से लगभग 28 लाख गैलन पानी रामघाट एवं तीन लाख गैलन पानी नपा अधिग्रहण कि ए गए नौ कु ओं से ले रही है। रामघाट बैराज से प्रति सप्लाई में सात से आठ इंच पानी कम होता है। जल स्त्रोतों में पानी कम होने के साथ ही वर्तमान में 40 डिग्री की गर्मी के चलते प्रतिदिन वाष्पीकरण से लगभग दो सेमी पानी उड़ रहा है। जल स्त्रोतों में पानी की कमी को देखते हुए नगरपालिका ने 17 मई से ही मोरवनी दोह से पानी उचीलना प्रारंभ कर दिया है। दो मोटर लगातार 20-20 घंटे तक चल रही है। नपा के कर्मचारियों के अनुसार रामघाट बैराज पर 30 मई तक पानी खत्म हो जाएगा और फिर कालाभाटा बांध से पानी लिया जाएगा। कालाभाटा में पानी कम हो जाने से मोरवनी दोह में मोटरो से पानी लाने में दिक्कते बढ़ेगी, इसको देखते हुए नगरपालिका 31 मई तक मोरवनी दोह से लगातार पानी कालाभाटा तक लाएगी। प्रतिदिन यहां से सात लाख गैलन पानी लिया जा रहा है, 31 मई तक डेढ़ करोड़ गैलन पानी कालाभाटा तक लाने की नपा प्लानिंग कर रही है। इतने पानी से शहर में छह से सात दिन तक सप्लाई हो सके गी। जून माह के अंतिम दिनों तक शिवना में पानी नहीं आया तो शहर में पेयजल की कि ल्लत होगी।

पानी कम रहा तो दो दिन छोड़कर चलेंगे नल

रामघाट बैराज पर पानी खत्म होने के बाद कालाभाटा बांध के गेट खोलकर बैराज तक पानी लाया जाएगा। बांध के गेट खुलने के बाद बांध में दो से तीन फीट पानी कम हो जाएगा। पानी की कमी के चलते शहर में जल संकट के हालात बनने के आसार बन रहे है। रामघाट बैराज में पानी खत्म होने के बाद नपा द्वारा समीक्षा की जाएगी। इसके बाद जल स्त्रोतों में पानी की कमी दिखेगी तो जून में दो दिन छोड़कर जल सप्लाई का निर्णय नपा ले सकती है।

अधिकारियों को ही नहीं पता कालाभाटा में कि तना पानी

शहर के जल स्त्रोतों में पानी कमी के कारण जल संकट के हालात बनते दिख रहे है। इसके बावजूद नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नहीं है। पिछले साल मोरवनी दोह से नगरपालिका ने सात मई को मोटरें लगा दी थी, लेकि न इस साल अधिकारियों ने 10 दिन बाद वहां से पानी लाना प्रारंभ कि या जबकि मई के 17 दिनों में छह इंच पानी उड़ गया। नपा के रसायनज्ञ आलम हुसैन ने बताया कि कालाभाटा बांध पर वर्तमान में साढ़े चार फीट पानी है जबकि नपा के जल कार्य विभाग के इंजीनियर बीबी गुप्ता का कहना है कि कालाभाटा बांध पर 21 फीट पानी है। अभी तक उन्हें सही जानकारी नहीं है, ऐसे में शहर में बनने वाले जल संकट को नपा कै से टाल पाएगी।

फै क्ट फाइल

कालाभाटा बांध--साढ़े चार फीट पानी

रामघाट बैराज--साढ़े आठ फीट पानी

अधिगृहीत कु एं--09

नल कनेक्शन--25 हजार 500 नगर में

प्रतिदिन सप्लाई--28 लाख गैलन पानी

जल स्त्रोतों में पर्याप्त पानी है

जल स्त्रोतों में पर्याप्त पानी है। इस साल जल संकट के हालात नहीं बनेंगे। मोरवनी दोह से कालाभाटा तक पानी लाया जा रहा है। कालाभाट बांध पर 21 फीट पानी है। पानी की समीक्षा भी लगातार की जा रही है। एक दिन छोड़कर ही पेयजल सप्लाई होता रहेगा।

-बीबी गुप्ता, इंजीनियर, जल कार्य विभाग नपा, मंदसौर