कृष्णा शर्मा/जसवंत पुरोहित, नीमच। अफीम के खेतों की निगरानी में पट्टेदार लाइसेंसी बंदूकों का उपयोग कर रहे हैं। वे समूह बनाकर अंधेरे में अफीम के पौधों और उनके डोडों की सुरक्षा कर रहे हैं। जिले के अधिकांश गांवों में इन दिनों इस तरह के दृश्य नजर आते हैं। हालांकि पुलिस ने भी डोडे लगने के साथ अफीम के खेतों की निगरानी और चौकसी बढ़ा दी है। मप्र में नीमच, मंदसौर और रतलाम जिले के जावरा विकासखंड में अफीम की खेती होती है। नई अफीम नीति में जिले के 13 हजार 744 किसानों को अफीम की खेती का अधिकार मिला है।

इन पट्टेदार किसानों ने 10-10 आरी में बोवनी की है। इन दिनों फसल में फूल और डोडे लग रहे हैं। इसके साथ ही कि सानों के सामने इनकी सुरक्षा का जोखिम बढ़ गया है। पौधे और डोडे की सुरक्षा में किसान लाठी के साथ लाइसेंसी बंदूकें भी थाम रहे हैं। वे समूह बनाकर खेतों की निगरानी कर रहे हैं। केसरपुरा के पट्टेदार किसान लोकेश धाकड़, हंसराज सुथार, गोपाल धाकड़ और महेश नागदा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अफीम की कीमत लाखों में है।