17 एमडीएस-58 केप्शनः कुचड़ौद में निकले जुलूस में शामिल समाजजन।

कुचड़ौद

ग्राम कुचड़ौद में भी शोभायात्रा निकाली। जैन मंदिर से प्रारंभ होकर हनुमान चौक, श्री चारभुजानाथ मंदिर, सदर बाजार, बस स्टैंड, श्री पंचमुखी बालाजी महादेव मठ, पीपल चौक, रामकुंड होते हुए जैन मंदिर पर समापन हुआ। महावीर स्वामी के जयकारों से ग्राम गूंज उठा। युवक-युवतियां डांडिया रास एवं नृत्य करते हुए चल रहे थे। इससे पहले मंदिर पर भगवान महावीर स्वामी की विशेष पूजा-अर्चना की गई।

कयामपुर

ग्राम कयामपुर में जन्म कल्याणक महोत्सव पर वरघोड़ा निकला। नगर के समस्त जैन समाजजन जुलुस में शामिल हुए। ग्राम में घूमने के बाद जैन मंदिर पर समापन हुआ।

सुनेल

17 एमडीएस-60 केप्शनः सुनेल में निकली शोभायात्रा।

सुनेल के छत्री चौक स्थित श्वेतांबर जैन मंदिर से सुबह 8.30 बजे शोभायात्रा प्रारंभ हुई, जो सदर बाजार, राममंदिर चौक, रंजा चौक, शिव मंदिर चौक, कचहरी चौक, घाणा चौक, छत्री चौक होती हुई जैन मंदिर पंहुची। समाज के पुरुष, महिलाएं, युवा भगवान महावीर के जयकारे लगा रहे थे। अजीतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, चंदाप्रभु श्वेतांबर जैन मंदिर में सुबह विशेष पूजा की गई। समाज का सामूहिक भोज का आयोजन किया गया।

पिपलियामंडी

पिपलियामंडी में सकल जैन समाज के तत्वावधान में चल समारोह वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ जैन स्वाध्याय भवन से प्रारंभ हुआ। जैन स्थानक, मनासा मार्ग, गांधी चौराहा से स्टेशन के समीप विमलनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर पहुंचा। चल समारोह महावीरगंज होते हुए पुराना गाड़ी अड्डा में स्थित गणेश मंदिर के समीप चल समारोह धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। धर्मसभा में राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित किया। इस मौके पर हेमंत पितलिया, अनिल घी वाला, अभिषेक कुमठ, ललित सकलेचा, शैलेंद्र बंब आदि उपस्थित थे। संचालन अजय कीमती ने किया। आभार राजेश पटवा ने माना।

दलौदा

17 एमडीएस-61 केप्शनः दलौदा में निकले जुलूस में शामिल लोग।

दलौदा सकल जैन समाज द्वारा सुबह शीतलनाथ राजेंद्र जैन श्वेतांबर मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। यहीं से जुलूस प्रारंभ हुआ जो चौपाटी, प्रगति चौराहा, राजेंद्रसूरी मार्ग होते हुए पुनः मंदिर पहुंचा। सामूहिक आरती की गई। समता भवन में विराजित साध्वी सुशीला कुंवरजी द्वारा मांगलिक प्रदान की गई। अंत में समाजजन का स्वामीवात्सल्य जयंतसेन मांगलिक भवन में हुआ। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सुराना, सरपंच विपिन जैन, डॉ. सोहनलाल सुराना, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजीत जैन, ट्रस्ट अध्यक्ष अभय सुराना, महावीर जैन, चंद्रप्रकाश जैन आदि उपस्थित थे। संचालन श्रीपाल धोका ने किया।

बॉक्स- --

अहिंसा परमो धर्म के साथ बेटी बचाने का भी दिया संदेश

17 एमडीएस-62 केप्शनः गरोठ में निकले जुलूस में बेटी बचाओं के बैनर लेकर भी समाजजन निकले।

गरोठ। नगर में जैन समाज द्वारा शोभायात्रा निकाली गई। सुबह नौ बजे श्वेतांबर जैन समाज द्वारा सदर बाजार स्थित जैन मंदिर से भगवान महावीर की रथयात्रा बैंड-बाजों के साथ भगवान महावीर के जयकारे के साथ निकाली गई।प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर पर पहुंची। शाम चार बजे दिगंबर जैन समाज द्वारा समाज के मंदिर से भगवान महावीर की शोभायात्रा निकाली गई। प्रमुख मार्गों से होती हुई जैन मंदिर पहुंची। वहां विभिन्ना कार्यक्रम हुए। दिगंबर जैन समाज द्वारा निकाली गई शोभायात्रा में अहिंसा परमो धर्म के साथ बेटी बचाओ की तख्तियां हाथों में लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। महावीर जयंती पर जैन समाज के मंदिरों में सुबह से लेकर रात तक विभिन्ना आयोजन किए गए।

भानपुरा में सुबह प्रभात फेरी, दोपहर में रथयात्रा

17 एमडीएस-63 केप्शनः भानपुरा में निकली शोभायात्रा में शामिल समाजजन।

भानपुरा। नगर में सकल जैन समाज के तत्वावधान में सुबह छह बजे दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से प्रभातफेरी निकली। दोपहर में तेरापंथी जैन मंदिर से भगवान महावीर की रथयात्रा निकली। यह मुख्य मार्गों से होती हुई जैन मंदिर पहुंची। भगवान महावीर का अभिषेक व आरती हुई। मार्ग में कई स्थानों पर स्वागत हुआ। रथ के सारथी की बोली बसंतीलाल हरसोला परिवार ने ली। रथयात्रा में समाज अध्यक्षगण सुरेश ठाई, मनीष हरसोला, अनिल बाफना, डॉ. पदम मोदी, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप अध्यक्ष कोमल सामरिया, जैन श्वेतांबर सोशल ग्रुप अध्यक्ष अनिल नाहर, महावीर ठाई, सुरेश खटोड़ सहित अनेक समाजजन शामिल हुए।

बोलिया में भी निकली रथयात्रा

17 एमडीएस-66 केप्शनः बोलिया में रथयात्रा में शामिल समाजजन।

बोलिया। ग्राम में सुबह आठ बजे महानवकार मंत्र के साथ श्रेयांसनाथ जिनालय से रथयात्रा प्रारंभ हुई। ग्राम के मुख्य मार्ग से होते हुए जैन आयंबिल भवन पहुंची। वहां महाआरती हुई। सुबह 10 बजे धर्मसभा हुई। साध्वी श्री अमितगुणाश्रीजी ने कहा कि यह जैन समुदाय का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। मानव के दुखी होने की वजह खुद की गलतियां ही हैं। जो अपनी गलतियों पर काबू पा सकता है, वही मनुष्य सच्चे सुख की प्राप्ति भी कर सकता है।