मंदसौर। नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार हत्याकांड के मामले में पुलिस ने आखिरकार सोमवार को सीजेएम कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। पुलिस की विवेचना डायरी लगभग 160 पेज की है। मामले में पुलिस ने 64 गवाह बनाए हैं। इसके अलावा जांच अभी भी खुली रखी गई है।

हत्याकांड को सोमवार को 90 दिन पूरे हो रहे थे। इसके चलते चालान पेश किया गया है। पुलिस ने फिलहाल हत्यारे मनीष बैरागी व उसे पिस्टल उपलब्ध कराने वाले अजय को ही आरोपित बनाया है। हालांकि बंधवार का परिवार संतुष्ट नहीं है और वह लगातार मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।

शहर कोतवाली क्षेत्र में हुए इस हत्याकांड की जांच डायरी आईजी उज्जैन राकेश गुप्ता ने नीमच सीएसपी राकेशमोहन शुक्ला को ही सौंप रखी थी। सोमवार को उन्हीं के बिहाफ पर कोतवाली पुलिस के कोर्ट मंुशी ने सीजेएम कोर्ट मेंे 160 पेज का चालान न्यायालय में पेश किया है। अभी चालान में दो आरोपित बनाए गए हैं। इसमे हत्या करने वाला मनीष बैरागी और उसे पिस्टल उपलब्ध कराने वाला अजय जाट को शामिल किया गया है।

एसआईटी भी कर चुकी है जांच

बंधवार के परिजन को शुरुआत से ही मनीष बैरागी द्वारा महज 25 हजार रुपए के पीछे हत्या करने की वजह समझ में नहीं आ रही थी। इस कारण वे लगातार मामले में सीबीआई जांच की मांग भी कर रहे थे। साहू समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कमल नाथ से भी मिला था।

तब सीएम ने एक एसआईटी का गठन कर मंदसौर भेजा था। एसआईटी ने भी लगभग तीन दिनों तक मंदसौर की खाक छानी थी। पुलिस द्वारा की गई विवेचना के आधार पर ही कई सारे लोगों को बुलाकर पूछताछ भी की थी। आखिरकार एसआईटी के सभी अधिकारी भी पुलिस की थ्योरी को ही सही मानते हुए अपना ओपिनियन दे दिया था। इसके बाद से पुलिस द्वारा चालान पेश करने का रास्ता खुल गया था।

अभी भी राज खुल सकते हैं

इधर, नपाध्यक्ष स्व. बंधवार के पुत्र नरेंद्र बंधवार का कहना है कि मामले में पुलिस सही जांच करे या सीबीआई से जांच कराए तो अभी भी हत्याकांड से जुड़ा राज खुल सकता है। मनीष बैरागी तो सिर्फ मोहरा है, उसके पीछे खड़े लोग भी बेनकाब होना चाहिए।

- न्यायालय में कुछ बिंदुओं को लेकर चालान खुला रखा गया है। पुलिस अभी हत्याकांड की जांच जारी रखे हुए है। हत्या के पीछे कोई और अन्य कारण तो नहीं थे, इसकी जांच की जा रही है। उसका चालान बाद में पेश किया जाएगा। -मनकामना प्रसाद, एएसपी