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    हैप्पी सीडर के प्रयोग से प्रदूषण पर लगाम के साथ होगी किसानों की बचत

    Published: Wed, 15 Nov 2017 08:36 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 08:36 PM (IST)
    By: Editorial Team

    मंडला। नईदुनिया प्रतिनिधि

    धान की नरवाई को आग लगाने से वातावरण में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए अब कृषि विभाग द्वारा कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। नरवाई को बिना आग लगाए हैप्पी सीडर मशीन के साथ गेहूं की सीधी बोवनी किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह बातें सहायक कृषि यंत्री प्रियंका मेश्राम ने उपनगर महाराजपुर निवासी किसान रितेश राय के खेतों में हैप्पी सीडर मशीन के साथ बोवनी कराते समय कही। सहायक कृषि यंत्री प्रियंका मेश्राम ने बताया कि धान की कटाई के बाद नरवाई को आग लगाने की जरूरत नहीं है। केवल उसे खेत में ही बिछाकर इस नई तकनीक के साथ किसान गेहूं ही नहीं बल्कि चना, मटर की भी बोवनी कर सकते हैं।

    किसान रितेश राय ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने हैप्पी सीडर से बोवनी के लिए विभाग को आवेदन किया गया था। इस विधि से नरवाई जलाने की समस्या हल हो जाती है। धान की नरवाई खेत में देशी खाद का काम करती है। उन्होंने बताया कि हैप्पी सीडर के उपयोग से इससे बचा जा सकता है। सामान्यतः धान की कटाई के बाद नरवाई जलाना पड़ता है, खेत की सफाई करना पड़ता है, इसी के साथ कल्टीवेटर और रोटा वेटर चलाना पड़ता था। इसमें अतिरिक्त खर्च आता है। अब इस नई तकनीकि के उपयोग से यह खर्च बच जाता है।

    मशीनें और स्टॉफ की कमी

    जानकारी के अनुसार विभाग के पास मात्र 2 मशीनें हैं। यही नहीं विभाग के पास इस मशीन को चलाने के लिए पर्याप्त स्टॉफ भी नहीं है। सहायक कृषि यंत्री प्रियंका मेश्राम ने बताया कि पिछले साल से इस हैप्पीसीडर मशीन का उपयोग शुरू किया गया है। पिछले साल जिले के करीब 100 एकड़ में इसकी मदद से बोवनी की गई थी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि महाराजपुर के पुराने आरटीओ कार्यालय के पीछे स्थित खेतों में हैप्पीसीडर मशीन से बोवनी विभागीय अधिकारियों की देखरेख में कराई जा रही है। किसान इस तकनीक को देखने-समझने के लिए पहुंच सकते हैं। यह तकनीक अन्य परंपरागत तरीकों से कहीं अधिक सस्ती और सरल है। इस अवसर पर सहायक कृषि यंत्री प्रियंका मेश्राम, उपयंत्री संदीप पिपड़ा, किसान रितेश राय सहित अन्य अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

    15एमडीएल10 मंडला। हैप्पीसीडर से गेहूं की बोवनी कराते अधिकारी एवं किसान

    15एमडीएल 11 मंडला। बोवनी के बाद जमीन का निरीक्षण करते अधिकारी।

    नरवाई के प्रदूषण को कम करने कृषि विभाग दे रहा जानकारी

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