मंडला। नईदुनिया प्रतिनिधि

महिला पंच के पति और नाबालिग पुत्र के नाम प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया है। जबकि गांव के कई पात्र लोगों के आवेदन रद्दी की टोकरी में पड़े हुए हैं। यह शिकायत मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे ग्राम पंचायत बोरिया के लोगों ने कलेक्टर से की है। उन्होंने कलेक्टर के नाम दिए आवेदन में बताया कि के सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा महिला पंच के पति एवं उसके नाबालिक पुत्र के नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर लिया गया है। इसकी जांच करा दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए। जन सुनवाई में आने वाले कई आवेदकों में हताशा देखने को मिली। दरअसल जन सुनवाई में कलेक्टर उपस्थित नहीं थीं। तहसीलदार द्वारा द्वारा आवेदन लिए जा रहे थे। आवेदकों का कहना था कि अन्य अधिकारियों द्वारा समस्याओं के निराकरण पर ध्यान नहीं दिया जाता। कलेक्टर को सीधे शिकायत करने से समस्या सुलझने की उम्मीद बढ़ जाती है। गौरतलब है कि आदि उत्सव में प्रधानमंत्री व उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियां चल रही हैं जिसके चलते कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी लगे हुए हैं।

घोषणा पर नहीं हुआ अमल

कलेक्टर के नाम कुछ युवाओं ने मिलकर आवेदन दिया जिसमें उन्होंने बताया कि होमगार्ड सिविल डिफेंस कुशल तैराक (अस्थायी) द्वारा सिंहस्थ मेला उज्जैन में सेवाएं दी गई थी। जिस पर विभाग द्वारा यह कहा गया था कि सभी अस्थायी कुशल तैराकों को स्थायी तौर पर होमगार्ड सिविल डिफेंस में पदस्थापित किया जाएगा परंतु आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कुपोषण से मुक्ति के लिए नहीं दी जा रही राशि

ग्राम पंचायत सेमरखापा अचली से आई बैगा महिलाओं ने कलेक्टर के नाम दिए आवेदन में बताया कि कुपोषण से मुक्ति के लिए बैगा परिवार की महिला मुखिया को प्रतिमाह 1000 रूपये शासन की ओर से दिए जाते हैं। ग्राम पंचायत सेमरखापा के सचिव पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया गया कि यह राशि बैगा महिलाओं को दिया जाना तो दूर इस संबंध में सभी महिलाओं को जानकारी तक नहीं दी जा रही है जिससे उन्हें शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। महिलाओं ने योजना का लाभ दिलाने की मांग के साथ ही लापरवाह सचिव को पद से हटाने मांग की है।

दिव्यांग ने नौकरी के लिए दिया आवेदन

निवास तहसील अंतर्गत पिपरिया निवासी दिव्यांग इन्द्रेश सिंह आर्मो ने कलेक्टर को आवेदन देकर रोजगार दिलाने की मांग की है। इन्द्रेश ने बताया कि वह 80 प्रतिशत विकलांग है। उसने एमए के साथ कम्प्यूटर कोर्स, हिन्दी टाइपिंग भी की है। इन्द्रेश के अनुसार वह अपनी मां के साथ रहता है परिवार में कोई और नहीं है। वह कुछ काम करके मां का सहारा बनना चाहता है। दिव्यांग युवक ने रोजगार दिलाने की मांग की है।

ग्राम पंचायत बोरिया के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग

17एमडीएल 2मंडला। कुपोषण से मुक्ति के लिए दी जाने वाली राशि पाने पहुंची महिलाएं।

17एमडीएल20 मंडला। रोजगार की मांग लेकर पहुंचा दिव्यांग।

17एमडीएल 21मंडला। जन सुनवाई में लोगों की समस्याएं सुनते तहसीलदार एवं नपा सीएमओ।