भुआबिछिया/मंडला। नईदुनिया प्रतिनिधि

बिछिया तहसील की केवलारी पंचायत के बरिहा गांव में गुरुवार देर रात हुई मूसलधार बारिश ने किसानों को तबाह करके रख दिया है। इस बारिश से खेतों में बोई गई करीब एक हजार एकड़ की फसल बर्बाद हो गई। गांव तीन ओर से पहाड़ियों से घिरा होने के कारण पहाड़ों से उतरा पानी अपने साथ मिट्टी भी बहाकर लाया, जो फसल के ऊपर करीब तीन फीट तक जम गई। साथ ही निचले क्षेत्र के खेत जलमग्न हो गए। शुक्रवार को पीड़ित किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे और आवेदन देकर मुआवजे की मांग की।

किसानों ने बताया कि मेड़ बंधान पानी के साथ बह गए। धान की बोई गई फसल व रोपा की नर्सरी मिट्टी में दब गई। खेत बर्बाद हो जाने से किसान इस वर्ष न तो खरीफ और न ही रबी की फसल ले पाएंगे। जब तक खेतों का निर्माण नहीं करा लिया जाता इस पर फसल उत्पादन नहीं हो पाएगा। इसके लिए शासन की मदद की जरूरत पड़ेगी। किसानों ने बताया कि खेतों में गहरी खाई भी बन गई है।

बारिश से दो मकान गिरे

बताया गया कि बरिहा गांव में कुल 299 किसान है। गांव की आबादी 1145 है। भारी बारिश के दौरान दो मकान गिर गए हैं। सकरों बाई पति छोटा यादव 70 वर्ष अकेली रहती थी। उसकी जान बाल बाल बची। दूसरा मकान रातू पिता समारी का गिरा। उसके यहां की गौशाला गिर गई। समय रहते मवेशियों को बचा लिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश इतनी तेज थी कि छप्पर में पानी नहीं समा रहा था। छप्पर से होकर पानी अंदर घुस गया। जिससे घर के अंदर रखे कपड़े और अनाज भीग गया। लोगों के खाने के लाले पड़ गए हैं।

ग्रामीणों को नहीं मिले अफसर

शुक्रवार को बरिहा गांव से सैकड़ों ग्रामीण व किसान बिछिया तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां वे अपनी समस्या अधिकारियों से मिलकर बताना चाह रहे थे लेकिन मवई क्षेत्र में कमिशनर का दौरा होने के कारण तहसील में कोई अफसर नहीं मिला। जिसके बाद अपनी समस्या एसडीएम कार्यालय में उपस्थित बाबुओं को बताई और उन्हें ही आवेदन देकर देर शाम वापस हो गए।

मंडी अध्यक्ष ने कलेक्टर को बताया

पीड़ित किसानों ने बिछिया पहुंचकर मंडी बोर्ड विशेषज्ञ व मंडी अध्यक्ष सुनील नामदेव से मिले। उन्होंने अपनी व्यथा बताई। जिस पर भूखे प्यासे किसानों के लिए मंडी में ही भोजन बनाया गया। इसके साथ ही मंडी अध्यक्ष ने कलेक्टर को पूरी जानकारी फोन पर दी। जिस पर कलेक्टर ने मौके पर तहसीलदार व एसडीएम को भेजने की बात कही। जानकारी लगते ही पूर्व सामान्य वनमंडल बिछिया का अमला मौके पर पहुंचा था। जिसने मौके की तस्वीरें लीं और वापस लौट गया।

पेट कैसे भरेंगे किसान

बरिहा गांव में ढाई एकड़ से लेकर 12 एकड़ तक जमीन किसानों के पास है। प्रदोष दास की 10 एकड़, श्याम कली पति छवि लाल 10 एकड़, कृपाली पिता छतर सिंह 2 एकड, नरेश 8 एकड़ जमीन है। अब तो उनके सामने पेट भरने का संकट पैदा हो गया है। गांव में 164 ओबीसी के किसानों को वन भूमि के पटटे मिले हैं। जबकि 25 के प्रकरण लंबित हैं। इसी तरह आदिवासी वर्ग के 85 लोगों को पट्टा मिला है।

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मेरी करीब 10 एकड़ भूमि है। पूरी जमीन में पहाड़ की मिटटी पुराव हो गया है। फसल नष्ट हो गई है।

-प्रदोष दास, किसान।

इतनी भारी तबाही इस गांव में पहली बार आई है। सरकार को तत्काल किसानों की मदद करनी चाहिए।

-दौलू सिंह मरकाम, पूर्व सरपंच।

किसानों की एक हजार एकड़ फसल नष्ट हो गई है। किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाए। साथ ही किसानों के खेत में शासन की ओर से पार बंधान कराया जाए।

-सुनील नामदेव, अध्यक्ष

कृषि उपज मंडी और विशेषज्ञ।

बिछिया तहसील के बरिहा गांव में गुरुवार देर रात हुई बारिश

मूसलधार बारिश से तबाह हो गई एक हजार एकड़ की फसल

13एमडीएल3 भुआबिछिया। भारी बारिश से फसल के ऊपर जमी मिट्टी।

13एमडीएल4 भुआबिछिया। एसडीएम के पास समस्या लेकर पहुंचे किसान।

13एमडीएल5 भुआबिछिया। अपने गांव में सदमे में बैठे किसान।