मामला सिमरोल ओवरब्रिज का : नोटिस देने के बाद होगी कार्रवाई

महू। सिमरोल ओवरब्रिज के नीचे सर्विस रोड के लिए एक बार फिर हलचल प्रारंभ हो गई है। रक्षा संपदा विभाग मकानों पर निशान लगा रहा है। 17 फुट जगह लेने के लिए कभी भी कार्रवाई की जा सकती है। विद्युत विभाग को भी ट्रांसफॉर्मर हटाने के लिए कह दिया गया है।

सिमरोल ओवरब्रिज के पास सर्विस रोड जगह की कमी के कारण आज तक नहीं बन पाया है। सर्विस रोड के लिए लोगों ने 13 फुट तक जगह दे दी थी, लेकिन सड़क नहीं बन पा रही थी। इसलिए रक्षा संपदा विभाग ने 17 फुट जगह लेने के लिए निशान लगा दिए हैं। अवैध रूप से बने मकानों पर निशान लगने के बाद से रहवासियों में हड़कंप मच गया है। अगर यह कार्रवाई हुई तो उनके मकान आधे भी नहीं रह पाएंगे।

30 फुट जगह चाहिए थी

सर्विस रोड के लिए ब्रिज से 30 फुट जगह की स्वीकृति हुई थी। उस समय रहवासियों ने कहा था कि वर्तमान में जितनी जगह चाहिए, उतनी ले लें, बाद में आवश्यकता होगी तो हम दे देंगे। रक्षा संपदा विभाग के अजय देवाने ने बताया कि तब आवश्यकतानुसार 13 फुट की जगह से निर्माण हटा कर सर्विस रोड बनवा दिया था, लेकिन वह अपर्याप्त है। अब उपनगरीय बस एसोसिएशन द्वारा सर्विस रोड की चौड़ाई की मांग की जा रही है। साथ ही अब शेष 17 फुट की सेंशन मिल चुकी है और यह जगह रक्षा संपदा विभाग की है। इसलिए उक्त जमीन को खाली कर बोर्ड को दी जाना है, इसलिए यह निशान लगाएं गए हैं।

चालीस मकान व दुकानें होंगी प्रभावित

नई व्यवस्था के अनुसार रक्षा संपदा विभाग ने जो निशान लगाएं हैं, उसमें करीब 30 मकानों का 17 फुट का निर्माण तोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पुराने एलआईसी कार्यालय की ओर भी करीब 10 दुकानों का निर्माण 17 फुट तोड़ा जाएगा। गीता भवन के पास लगे ट्रांसफॉर्मर को हटाने के लिए कह दिया गया है। रक्षा संपदा विभाग सभी निर्माणकर्ताओं को पंद्रह दिन का नोटिस देगी। इसके बाद भी अगर जगह खाली नहीं की गई तो छावनी परिषद के सहयोग से इसे तोड़ दिया जाएगा। इसके बाद यह जमीन छावनी परिषद को सौंप दी जाएगी।

सर्विस रोड के लिए करीब 30 फुट की जगह चाहिए थी। 13 फुट पर सड़क का निर्माण किया गया है तथा शेष 17 फुट के लिए वहां किए गए निर्माण को हटाने के लिए निशान लगा दिए गए हैं। सभी को नियमानुसार नोटिस देकर समय सीमा दी जाएगी। यह जमीन रक्षा संपदा विभाग की है जो खाली होने के बाद छावनी परिषद को दे दी जाएगी।

-नेहा गुप्ता, रक्षा संपदा अधिकारी महू।