देपालपुर। गत दिनों प्रशासन द्वारा नेवरी गांव में अतिक्रमण हटाओ मुहिम में कई घर तोड़े गए थे। मकान टूटने से बेघर हुए लोग अब इन टूटे हुए मकानों के मलबे पर ही भोजन बनाने को मजबूर हो रहे हैं। मलबे से निकली हुई ईंट उनका चूल्हा बनी हुई है। इसे देख ग्रामीणों की आंखें नम हो जाती हैं।

कल तक जिनके घरों में किचन में गैस पर खाना बना करता था, आज वही लोग टूटे हुए मलबे पर भोजन बनाने को मजबूर हो रहे हैं। प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी मुहिम के चलते इन मकान मालिकों को बेघर किया गया। गृहस्थी का सारा सामान सड़कों पर आ गया। बारिश कामौसम होने के कारण गृहस्थी का सामान थैलों व पॉलीथिन में पैक करके रखा गया है, जिसके चलते इनका खाना बनाना भी मुश्किल भरा हो गया है। कहीं-कहीं पर तो चकला-बेलन तक नहीं मिल रहा है, क्योंकि पता नहीं सामान किस बोरे में भर कर रखा है, जिसके कारण लोगों को कंडों पर बाटियां सेंक कर खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थिति दर्दनाक है, जिसका मुख्य कारण राजनीतिक हठधर्मिता बताई जा रही है।

गांव का मुख्य मार्ग कीचड़ से भरा हुआ है। यह 100 फीट का टुकडा अभी तक कच्चा है। कीचड़ से ही लोग निकलने को मजबूर हो रहे हैं। गांव के विकास की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। लेकिन राजनीतिक लड़ाई में गांव का विकास तो नहीं हुआ, उल्टा विनाश हो गया। गांव में इंदिरा कुटीर आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना के चलते मकान भी बने जो अतिक्रमण विरोधी मुहिम का शिकार हो गए। वहीं स्वच्छता अभियान के अंतर्गत शौचालय भी बनाए गए। पंचायत का रिकॉर्ड खंगाला जाए तो उसमें से कई शौचालय टूटे मकानों में मिलेंगे। इसमें भी प्रशासन की लापरवाही उजागर होगी।

कार सवारों से हजारों की लूट

सांवेर। शनिवार देर रात बदमाशों ने इंदौर से उज्जैन कार से जा रहे एक परिवार को लूट लिया। बदमाशों ने कार को पंक्चर कर लूट की वारदात को अंजाम दिया।

एसडीओपी एमएस परमार ने बताया कि शनिवार रात 1.30 बजे दशहरा मैदान उज्जौन निवासी नवीन जिंदल कार से इंदौर से उज्जैन अपने घर जा रहे थे। रामा फास्फेट के पास सिलोदा फाटे पर उनकी कार पंक्चर हो गई। वे कार का पहिया बदल रहे थे तभी चार-पांच लोगों ने खेतों की ओर से पथराव शुरू कर दिया। इससे कार सवार घबरा गए। इसके बाद बदमाश नवीन जिंदल और उनके परिवार से अंगूठी, सोने की चैन, मोबाइल सहित करीब 54 हजार का माल लूट लिया और खेतों की ओर भाग गए। पीड़ितों ने इसके बाद सांवेर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ितों की कार के पीछे उनके दोस्त कुतुब, अखिलेश, संकेत और विशाल भी कार से आ रहे थे। उन्होंने जब नवीन जिंदल की कार खड़ी देखी तो घटना का पता चला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की खोज शुरू कर दी है।