महू (इंदौर)। ग्राम मांगलिया के एक खेत में मवेशी चरा रहे दो बालकों को 2 प्राचीन सिक्के मिले, बच्चों ने दोनों सिक्के अपने पिता को सौंप दिए। खेत में सिक्के मिलने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और हर कोई खेत में सिक्के ढूंढने पहुंच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंच कर सिक्कों को जब्त कर पंचनामा बनाया। अब ये सिक्के जांच के लिए पुरातत्व विभाग को भेजे जाएंगे।

सोमवार सुबह बड़गोंदा पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम मांगलिया निवासी हरनाम सिंह पिता सोमाजी भूरिया के खेत में सोने के सिक्के निकल रहे हैं, सिक्के ढूंढने के लिए पूरा गांव खेत में जमा हो गया।

इसके बाद बड़गोंदा पुलिस मौके पर पहुंची तथा पूछताछ की तो पता चला कि 8 अप्रैल को हरनाम के खेत में कृषि विभाग कस्तूरबा ग्राम इंदौर द्वारा बोवनी के लिए ट्रैक्टर से जुताई की गई थी। शाम को बालक मानसिंह व दिनेश मवेशी चराते हुए इस खेत पर आए तो उन्हें दो पुराने चांदी के सिक्के मिले।

बालकों ने उक्त सिक्के अपने पिता को दे दिए। सोमवार को यह खबर पूरे गांव में फैल गई कि खेत से सोने के सिक्के निकल रहे हैं, जिन्हें ढूंढने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण खेत पर पहुंच गए और सिक्के तलाशने लगे। यह खबर बड़गोंदा पुलिस को मिली तो तत्काल जवानों को भेज कर जानकारी लेने के लिए कहा गया।

जवानों को वहां जाकर पता चला कि सोने के सिक्के नहीं मिले, वह तो कुछ दिन पूर्व चांदी के दो पुराने सिक्के मिले थे। पुलिस ने मानसिंह व दिनेश से दोनों सिक्के लेकर पंचनामा बनाया व जब्त किए। इन सिक्कों को जांच के लिए पुरातत्व विभाग भेजा जाएगा। सिक्कों पर उर्दू या अरबी में लिखा हुआ है जिसे देखने पर लगता है कि यह मुगलकालीन सिक्के हैं।

जांच की जाएगी

दो सिक्के मिले हैं जो देखने से लगता है कि मुगलकालीन होेंगे मगर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। जांच की जा रही है। यह सिक्के यहां कैसे आए, इसकी भी जांच की जाएगी। -हितेंद्रसिंह राठौर, बड़गोंदा थाना प्रभारी