अतिक्रमण के खिलाफ रक्षा संपदा विभाग की कार्रवाई, लोगों ने सुनाए अपने दर्द

महू। सिमरोल ओवरब्रिज के पास सर्विस रोड निर्माण के लिए रक्षा संपदा विभाग की जमीन पर किए गए निर्माणों को तोड़ने के लिए निशान लगा दिए गए हैं। इस कार्रवाई से कई के रोजगार छिन जाएंगे तो कई आशियाने भी टूट जाएंगे।

अपनी नौकरियों से रिटायर होने के बाद कई लोगों ने अपनी सारी पूंजी से बुढ़ापे के लिए इंतजाम किए। सिमरोल रोड पर अतिक्रमण हटाने की तैयारी हो चुकी है। जब से रक्षा संपदा विभाग ने इन मकानों और दुकानों की दीवारों पर लाल निशान लगा दिए हैं तब से लोगों में डर बैठ गया है कि न जाने कब उन्हें तोड़ दिया जाएगा।

उदासीनता से हुए अवैध निर्माण

रक्षा संपदा की जमीन पर यह कब्जे दरअसल विभाग की ही उदासीनता के नतीजे हैं। इसका लाभ उठाकर बहुत से लोगों ने विभाग की ये जमीन बड़ी कीमत पर लोगों को बेच दी। इस पर जब तब कार्रवाई की बात तो की जाती रही, लेकिन हर बार ये मामले ठंडे ही रहे। ऐसे में बहुत से मध्यम वर्ग के लोग यहां अपनी पूंजी निवेश करते गए।

गाढ़ी कमाई लगाई है...

कुछ लोगों ने इन्हें अंधेरे में रख कर मोटी रकम लेकर जमीन बेच दी जिस पर रहवासियों ने जीवन भर की पूंजी लगा दी। कई आलीशान मकान तो खंडहर का रूप ले लेंगे तो कई नाम मात्र के घर बन कर रह जाएंगे। इन मकानों में बनाई गई दुकानें जो रोजी-रोटी का साधन हैं, वह भी कार्रवाई के बाद समाप्त हो जाएंगी।

रोडवेज से सेवानिवृत्त हुए चुन्नीलाल कौशल ने बताया कि पूरी पूंजी लगाकर घर बनाया था। पहले भी सर्विस रोड के लिए मकान तोड़ना पड़ा था। अब फिर निशान लगा दिए हैं। पहली बार में जगह ले लेना चाहिए थी। अब अगर तोड़फोड़ हुई तो उनकी दो दुकानें एवं ऊपर के चार कमरे भी टूट जाएंगे। इस नुकसान के साथ-साथ इनकी मरम्मत के लिए फिर पैसा खर्च करना होगा।

कैलाश अग्रवाल ने मई माह में ही लाखों रु. खर्च कर नया मकान बनाया था। फिर निशान लगा दिए। अब उन्हें डर है कि इमारत फिर खराब हो जाएगी। यहीं पास में भंगार की दुकान चलाने वाले कल्लू ने बताया कि सर्विस रोड और ओवरब्रिज के कारण उसका छोटा-मोटा व्यापार भी समाप्त हो गया। मौके पर जो निशान लगाए गए हैं, उसके मुताबिक कई के पास केवल दो फुट की ही जगह बचेगी। यानी कइयों की दुकानें बंद होंगी। ऑटो पार्ट्‌स का व्यापार करने वाले रणजीत सिंह ने बताया कि ओवरब्रिज के कारण पहले ही व्यापार खराब हो गया है और रहा-सहा भी खत्म होने को है।

रक्षा संपदा विभाग बचाए जमीन

यहां लोग कहते हैं कि इस कार्रवाई के पक्ष में विभाग तमाम तर्क दे सकता है। हालांकि विभाग अपनी गलती शायद ही कभी मानता है। अब तक विभाग की जानकारी में ही रहकर रक्षा संपदा की जमीनें खरीदी बेची जाती रहीं और इस पर कार्रवाई करने को लेकर विभाग का रवैया विवादों भरा रहा है। इसकी नजीर पिछले कुछ महीनों में शहर में रक्षा संपदा की जमीन पर हुए निर्माण हैं जहां आवास से लेकर छोटे शॉपिंग मॉल तक बन गए और विभाग ने इस पर कभी आपत्ति भी नहीं ली। बताया जाता है कि इस बारे में कई रहवासियों ने रक्षा संपदा विभाग में भी गुहार लगाई है। लोगों ने विभाग से अपील की है कि आगे वह अपनी जमीन की रक्षा भूमाफियाओं से करे ताकि आम लोग अपनी गाढ़ी कमाई यूं न गवाएं जैसे वे गंवा रहे हैं।

--- हमें ऊपर से ऐसे आदेश मिले हैं। सर्विस रोड के लिए छावनी परिषद को नोटिस देने हैं। हम विधिवत कार्रवाई कर रहे हैं। -नेहा गुप्ता, रक्षा संपदा अधिकारी, महू