यह कोई गेहूं की फसल या लहसुन और प्याज की फसल का रोप नहीं है। यह धनिया का एक पौधा है। बनेड़िया के एक किसान के खेत में यह पौधा लगा था। यह करीब पांच फुट का है।

फसल पंजीयन के अंतिम दिन सर्वर डाउन, किसान और कर्मचारी होते रहे परेशान

देपालपुर। आदर्श विपणन सेवा सहकारी संस्था मर्यादित में किसान गेहूं की फसल के लिए पंजीयन करा रहे हैं। 15 फरवरी पंजीयन की अंतिम तिथि होने के कारण बड़ी संख्या में किसान पंजीयन के लिए संस्था में आए थे। मगर सर्वर डाउन होने व सरवर की गति धीमी होने के कारण किसान और कर्मचारी दिनभर परेशान होते रहे। फॉर्म को भरते-भरते सर्वर डाउन हो जाते। ऐसे में सैकड़ों की संख्या में आए आवेदनों को कर्मचारियों ने अपने पास रख लिया व जैसे-जैसे फॉर्म अपडेट होता जाता, वैसे-वैसे करते जा रहे थे। सुबह से लगाकर दोपहर 3 बजे तक 300 से अधिक फॉर्म पंजीयन के लिए आए, जिनमें से मात्र 15 फॉर्म ही अपडेट हो पाए थे। ग्राम पंचायत बनेडिया के पूर्व सरपंच जगदीश पटेल, गौरीशंकर मंडलोई, खजराया के रामप्रसाद पटेल, मुकेश पटेल, मुरखेड़ा के प्रदीप पाटीदार, विजय नागर, चिमनखेडी के विपिन पटेल, चंदू पटेल, बडोली के भगवती जाधव आदि ने पंजीयन की तारीख बढ़ाने की मांग की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि गेहूं की फसल को सरकार खरीदेगी, जिसका दाम 1735 रु. दिया जाएगा साथ ही 265 रुपए प्रोत्साहन राशि भी किसान को दी जाएगी। इस प्रकार किसान का गेहूं प्रति क्विंटल 2000 रु. से सरकार खरीदेगी। समिति प्रबंधक शिवप्रसाद बैरागी, समिति के कर्मचारी कमल सिंह पवार, जगदीशचंद्र राठौर, रूपसिंह चंदेल ,पवन सोलंकी एवं भेरूलाल शर्मा फार्म भरने में किसानों की मदद करते रहे।

पुलिस लाइन में खुला पड़ा चेंबर, बदबू से रहवासी परेशान

महू। पुलिस लाइन के पीछे वर्षों से एक चेंबर खुला पड़ा है। इसने अब एक गड्ढे का रूप ले लिया है। इस गंदगी भरे गड्ढे के कारण क्षेत्र में बदबू से रहवासी परेशान हैं।

जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए डबल स्टोरी इमारत बनाई गई है। इसके पीछे एक चेंबर खुला पड़ा है जिसने अब एक गड्ढे का रूप ले लिया है। इस गड्ढे के कारण कभी भी हादसा हो सकता है। रहवासियों का कहना है कि कई बार सफाई कर्मचारियों को सफाई के लिए कहा लेकिन कोई ध्यान नहीं देता।

किसानों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी

आलू की गुणवत्ता प्रभावित होने से कम मिल रहे भाव

बनेड़िया। क्षेत्र में इन दिनों किसान वर्ग खेतों से आलू निकालने में जुटा है। लेकिन आलू छोटा निकलने के कारण अच्छे भाव मिलने की उम्मीद कम है। ग्राम खिमलावदा के किसान घनश्याम पटेल ने बताया कि इस बार कम पानी होने से आलू की मोटाई कम है। आलू छोटे रह गए हैं। इस कारण भाव भी कम मिलेंगे। खिमलावदा में एक किसान के 3 बीघे में मात्र डेढ़ सौ कट्टे आलू ही निकल पाए, जबकि कम से कम 240 कट्टे होने चाहिए थे। बताया जाता है कि अल्प वर्षा के कारण इस बार बोरिंग भी ज्यादा नहीं चले जिससे आलू फसल की सिंचाई पर्याप्त नहीं हो पाई। किसान घनश्याम पटेल ने बताया कि एक बीघा में कम से कम 25 हजार रु. का खर्चा आता है और जो आलू पैदा हुआ है वह करीब 30 हजार रु. का बिकेगा। अर्थात एक बीघे में मात्र पांच हजार रु. का फायदा मिलेगा। प्याज के कम भाव मिलने के कारण अधिकांश किसानों ने आलू और डॉलर चना लगाया लेकिन उत्पादन कम होने से उन्हें पर्याप्त फायदा मिलता दिखाई नहीं दे रहा। बनेडिया के मुरारीलाल पटेल ने बताया कि इनके खेत में भी चिप्स वाले आलू कम मात्रा में निकल पाए हैं। बानियाखेडी के किसान अर्जुनसिंह पवार ने बताया कि उनके खेत में भी छोटे आलू निकल रहे हैं। इसलिए अब वे कुछ दिन बाद निकालेंगे। हो सकता है कि कुछ मोटे हो जाएं।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया

टोडी। प्रजापति परिवार द्वारा गांव शाहणा में आयोजित भागवत कथा में कथावाचक पं. मनोज मिश्रा ने कहा कि इस संसार में जिसकी भावना प्रबल होती है, उसे संसार में कोई वस्तु दुर्लभ नहीं है। इस दौरान कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। शुक्रवार को रुक्मणि विवाह होगा। 18 फरवरी को कथा समापन होगा।