दीक्षांत समारोह से पहले हुई पूरी रिहर्सल, सेना के बैंड के साथ एनसीसी ने भी किया अभ्यास

महू। आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विवि में सोमवार को दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। कार्यक्रम को देखते हुए विवि में पिछले कई दिनों से रात-दिन तैयारियां चल रही हैं। इसी क्रम में रविवार को फाइनल रिहर्सल हुई, जहां सेना के बैंड के साथ एनसीसी कैडेट्स ने भी अभ्यास किया।

आंबेडकर विवि का दूसरा दीक्षांत समारोह सोमवार को आयोजित होगा। कार्यक्रम में 67 विद्यार्थियों को राज्यपाल के हाथों अपनी डिग्री प्राप्त होगी। इनमें एक शोधार्थी को उनकी पीएचडी भी अवॉर्ड की जाएगी। विवि में रविवार को दीक्षांत समारोह से पहले एक फाइनल रिहर्सल की गई, जिसके लिए परिसर में राज्यपाल के कार्यक्रम के अनुसार लाल कालीन बिछाया गया। सेना के बैंड ने भी यहां राष्ट्रगान की धुन बजाते हुए जमकर प्रैक्टिस की। इसके बाद विवि के सभी महत्वपूर्ण सदस्यों के साथ विवि के मुख्य भवन से एक यात्रा बुद्घ भवन तक पहुंची जहां समारोह होना है। इस यात्रा में सबसे आगे सेना के बैंड चल रहे थे। वहीं पीछे विवि के दल की अगुवाई कर रहे कुलपति डॉ. सीडी नाइक और विवि के पांच डीन तथा अन्य फैकल्टी स्टाफ दीक्षांत समारोह के लिए तय वेशभूषा में चल रहे थे।

विवि का यह दीक्षांत समारोह पिछले महीने होना था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के देहांत के बाद इसे रद्द दिया गया, जिसके बाद अब यह 17 सितंबर को हो रहा है। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. एचएस त्रिपाठी ने बताया कि इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार में मंत्री लाल सिंह आर्य होंगे, वहीं विशेष अतिथियों में सांसद सावित्री ठाकुर और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विवि लखनऊ के कुलाधिपति डॉ. प्रकाश बारतुनिया होंगे।

हो गया परिवर्तन

एक बार रद्द किए जाने के बाद आंबेडकर विवि के इस दीक्षांत समारोह में एक और परिवर्तन हुआ है। यहां पिछले महीने तक प्रभारी कुलपति के रूप में उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव डॉ. वीआर नायडू थे जो कि पिछले महीने ही रिटायर हो गए। इसके बाद यहां विवि के ही एक डीन डॉ. एचएस नाइक को इस पद का प्रभार मिला है। ऐसे में यदि समारोह नायडू के समय में होता तो वे इस विवि के गैर शैक्षणिक कुलपति होते। हालांकि आने वाले दिनों में स्थायी कुलपति का भी चुनाव होना है। इसमें नायडू का नाम भी शामिल है। ऐसे में संभव है कि वे आने वाले दिनों में फिर से यहां के कुलपति बन जाएं।

आज पूरी होगी एक पीएचडी

विवि में पिछले काफी दिनों से पीएचडी के शोधार्थियों के द्वारा विरोध जताया जा रहा था। यह विरोध पीएचडी की पर्याप्त फैकल्टी न होने एवं अब विवि द्वारा शोधार्थियों को अन्य विवि में भेजे जाने को लेकर था। पीएचडी के पहले शोधार्थी ब्रिगेडियर रामनिवास को सोमवार को उनकी डिग्री दी जाएगी। उन्होंने डिफेंस स्टडीज मे अपनी पीएचडी की है। इसके अलावा एमफिल और अन्य विषयों के 67 विद्यार्थियों को भी उनकी डिग्री दी जाएगी। पिछले माह विरोध करने वाले शोधार्थियों ने कहा था कि वे विवि में राज्यपाल के आने पर अपना पक्ष रखेंगे।