मानपुर में चल रहा था वर्षों से रेत का अवैध कारोबार, कार्रवाई हुई पहली बार

एसडीएम अंशुल गुप्ता ने सुबह आठ बजे पहुंचकर की कार्रवाई, 25 ट्रक पकड़े, राठौर परिवार द्वारा हो रहा था संचालन

महू-मानपुर। क्षेत्र में वर्षों से चल रही अवैध रेत मंडी पर रविवार को प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। स्थानीय एसडीएम ने सुबह आठ बजे ही पहुंचकर यह कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह से शाम तक चली कार्रवाई के दौरान करीब 25 ट्रक पकड़े गए। इस प्रकरण में विभिन्ना नियमों के तहत मामला बनाया गया। इनमें ट्रांसपोर्ट, उत्खनन, राजस्व आदि के नियम शामिल हैं। इस मंडी पर पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। हालांकि रेत की यह मंडी कई वर्षों से यहां चल रही है, लेकिन इससे पहले किसी भी अधिकारी ने मानपुर की इस मंडी पर कार्रवाई नहीं की थी।

एबी रोड पर लेबड़-मानपुर रोड पर बने ओवर ब्रिज के पास मां वैष्णव देवी ग्रुप द्वारा संचालित किए जा रहे एक रेस्टोरेंट के नजदीक बने एक कृषि भूमि पर रेत की यह मंडी संचालित की जा रही थी। यह भूमि भी वैष्णव देवी ग्रुप के राठौर परिवार की ही है, जहां रविवार को 25 बड़े ट्रक रेत भरकर खड़े थे। इस दौरान सुबह करीब आठ बजे एसडीएम अंशुल गुप्ता यहां पहुंच गए और इन ट्रकों से रॉयल्टी और दस्तावेज की जानकारी मांगी। मौके पर वाहन चालकों के पास कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद एसडीएम गुप्ता ने परिवहन और खनिज आदि विभागों के अधिकारियों को मौके पर तुरंत आने को कहा।

वर्षों से बिना कागजों के चल रहे थे ट्रक

परिवहन अधिकारी जितेंद्र गुर्जर ने बताया कि इन ट्रकों के पास परिवहन के पूरे दस्तावेज नहीं थे, वहीं सभी गाड़ियों में क्षमता से अधिक माल भरा हुआ था। अधिकारी ने बताया कि ये गाड़ियां पुराने परमिट पर ही काफी समय से चल रही थीं और ये ज्यादातर इसी क्षेत्र में ही चलती थीं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही इन सभी 25 ट्रकों पर चालानी कार्रवाई की और इसकी पूरी जानकारी कार्रवाई करने वाले राजस्व विभाग को भी दी।

सभी पर बनाए प्रकरण

वहीं खनिज अधिकारी आलोक अग्रवाल ने बताया कि 25 ट्रकों में रेत भरी हुई थी और इनमें से ज्यादातर वाहनों के पास रॉयल्टी यानी खनन दस्तावेज नहीं थे। इसके बाद सभी 25 गाड़ियों पर अवैध खनन करने, उसके अवैध परविहन और अवैध भंडारण करने के प्रकरण बनाए गए।

इन पर होगी कार्रवाई

कार्रवाई करने वाले राजस्व अधिकारी नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र वर्मा ने बताया कि उक्त कृषि भूमि का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था जिसके लिए भूमि स्वामी अर्पित पिता प्रकाश राठौर, हेमलता पति बालकृष्ण राठौर निवासी हातोद एवं लवीना पति राजेश को नोटिस जारी किया गया है।

सौ रुपए की पार्किंग में लाखों की कमाई

अधिकारी ने बताया कि वहीं इन रेत के ट्रकों को पार्क करवाने के लिए राठौर परिवार का ही अनिल राठौर नाम का एक व्यक्ति सौ रुपए प्रति वाहन का शुल्क लेकर यह अवैध कारोबार करने के लिए स्थान उपलब्ध करवाता था। इसका उल्लेख मौका पंचनामे के अलावा नोटिस में भी किया गया है।

नकेल कसने का प्रयास किया तो हो गया तबादला

रविवार को यह कार्रवाई सुबह से लेकर रात तक जारी रही। इस दौरान मानपुर पुलिस की टीम भी सक्रिय रही। टीआई सविता चौधरी और उनकी टीम शाम तक इन ट्रकों को रोकने में लगी रही। हालांकि मानपुर पुलिस थाने से यह स्थान महज आधा किमी दूर मुख्य मार्ग पर ही है, लेकिन पुलिस ने अब से पहले यहां कभी कार्रवाई नहीं की। बताया जाता है कि कुछ समय पहले जब एक पुलिस अधिकारी ने इस व्यापार पर नकेल कसने की कोशिश की थी तो उनका तबादला एक ही दिन में करवा दिया गया था।

अब राजस्व भी करेगा अपना काम!

रेत मंडी यहां वर्षों से चल रही थी, लेकिन पहले राजस्व विभाग ने भी इस पर कभी कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि अब अपने अधिकारी द्वारा कार्रवाई के बाद काम करने को विवश हुआ राजस्व अमला इस पर लगातार कार्रवाई करने की बात कह रहा है। राजस्व निरीक्षक शंकर डाबर, पटवारी सचिन मीणा और तहसीलकर्मी दामोदर, मुकेश कुमरावत, देवेंद्र को अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। वहीं राजस्व निरीक्षक शंकर डाबर ने चार पटवारी और पांच चौकीदारों की ड्यूटी यहां ट्रकों की देखरेख के लिए लगाई है।

बॉक्स में-0-0-0

वैष्णव देवी ग्रुप की जमीन और ट्रक

एसडीएम अंशुल गुप्ता द्वारा अवैध रेत मंडी पर की गई यह कार्रवाई काफी बड़ी है। मानपुर और आसपास के क्षेत्र में रेत का हर महीने का कारोबार करोड़ों में होता है। इस अवैध व्यापार में आसपास के कई राजनेता और पहुंच वाले लोग शामिल हैं जो आसपास की पहाड़ी नदियों से तथा महेश्वर, मंडलेश्वर में नर्मदा से खनन कर रेत यहां लाकर बेचते थे। यह मंडी करीब दस वर्षों से संचालित की जा रही है। जिस स्थान पर कार्रवाई हुई, वह जमीन वैष्णव देवी ग्रुप से संबंधित लोगों की है, वहीं बताया जाता है कि पकड़े गए 25 ट्रकों में से कुछ ट्रक इसी परिवार के सदस्यों के नाम हैं।