दिनभर में केवल कुछ ही लोग पहुंचे, पर्यटकों ने जताई चिंता, खत्म हो रहा यहां का पर्यावरण

महू। छुट्टी के दिनों में अमूमन क्षेत्र के सभी पर्यटन स्थल लोगों से भरे होते हैं, लेकिन इस रविवार को ऐसा नहीं रहा। क्षेत्र के लगभग सभी पर्यटन स्थलों पर लोग नदारद थे। इसके पीछे लगातार गर्म हो रहे दिन और परीक्षाओं का मौसम जिम्मेदार है। पातालपानी पर तो ज्यादातर समय सन्नााटा रहा। यहां लोग रेलवे द्वारा बनाए गए हेरिटेज के सेल्फी प्वाइंट पर भी नजर नहीं आए, जहां अक्सर लोगों की भीड़ लगी रहती है। ऐसा ही हाल दूसरे पर्यटन स्थलों का भी रहा जहां लोग तो पहुंचे लेकिन काफी कम संख्या में।

गर्मी के नजदीक आते दिनों से पहले अब पातालपानी झरना पूरी तरह सूख चुका है, रविवार को पातालपानी में सुबह से लेकर शाम चार बजे तक डेढ़-दो सौ लोग ही पहुंचे। पर्यटन से रोजगार कमाने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बार इस मौसम में वनस्पति पहले के दिनों से भी तेजी से सू्‌ख रही है। ऐसे में पातालपानी का आर्कषण खत्म हो रहा है। पातालपानी में घोड़ों पर सवारी कराने वालों ने भी बताया कि इस साल लोगों की संख्या में अब कमी आ रही है और रविवार को तो सबसे कम लोग यहां पहुंचे थे।

पर्यटकों को भी चिंता

इंदौर से आई सोनिया मंडलोई नाम की एक पर्यटक ने इसे बेहद ही गंभीर स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि पेड़ लगातार कम हो रहे हैं और यहां के क्षेत्रों में तो इसकी दर और भी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि अब से पहले भी गर्मी के मौसम में वे यहां आते रहे हैं, लेकिन इतना खुश्क मौसम पहले इतनी जल्दी नहीं होता था।

कोई कमाई नहीं हुई

हेरिटेज ट्रेन आने के दौरान उसमें से कुछ यात्री जरूर उतरे, लेकिन कुछ ही देर में वे भी वापस बैठ गए। यहां तैनात बड़गोंदा पुलिस के जवानों ने कहा कि सुबह से केंटीन के बाहर बैठे हैं मगर एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया कि यहां से बाहर निकलना पड़ा हो। यहां खानपान की दुकानें चलाने वाले कुछ अन्य लोगों ने बताया कि अब से पहले तक दिनभर में हजार रुपए तक कमा लेते थे, लेकिन इस रविवार को दिनभर में दो सौ रु. भी नहीं कमा सके हैं।

कार हादसे में दिल्ली के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

कुछ दिनों में विदेश जाने वाला था, इंफेंट्री स्कूल में पदस्थ दोस्त से मिलने आया था,

महू। स्थानीय सैन्य संस्थान में पदस्थ सेना के एक युवा अधिकारी से मिलने आए उसके दोस्त की गाड़ी शनिवार देर रात आशापुरा क्षेत्र में हादसे का शिकार हो गई। हादसे में युवा अधिकारी तो घायल हो गया, लेकिन कार में सवार उसके साथी की मौके पर ही मौत हो गई। गांव वालों ने बताया कि हादसे के समय कार की गति काफी तेज थी। वह असंतुलित होकर कई बार पलटी।

बड़गोंदा पुलिस के अनुसार शनिवार रात करीब दो बजे ग्राम आशापुरा मार्ग पर चोरल की ओर तेज गति से जा रही कार क्र. एमपी09 एचडी 4842 मोड़ पर असंतुलित होकर सड़क के पार जा गिरी और मैदान में कई बार पलटती हुई रुक गई। कार में सवार दिवांशु पिता शीशराम शर्मा (25) निवासी शिवाजी पार्क नई दिल्ली की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके एक अन्य साथी तथा महू छावनी में पदस्थ एक युवा सैन्य अफसर आदित्य किरन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बारे में लोगों ने बताया कि कि मृतक दिवांशु सॉफ्टवेयर इंजीनियर था एवं कुछ दिन बाद उसे अमेरिका जाना था और जाने से पहले वह अपने दोस्त से मिलने महू आया था। पुलिस ने आशंका जताई कि ये युवक संभवतः जाम दरवाजा देखने के लिए जा रहे थे, लेकिन आशापुरा मार्ग पर अंधा मोड़ होने के कारण वह कार पर संतुलन नहीं रख सके।

सीट बेल्ट नहीं बांधा था

कार दिवांशु चला रहा था, जिसने सीट बेल्ट नहीं बांधा था, जबकि घायल आदित्य ने सीट बेल्ट बांध रखा था। घायल सेना की इंफैंट्री स्कूल में पदस्थ है। इन्होंने घूमने के लिए कार किराए पर ले रखी थी। मृतक के परिजन सूचना मिलने पर दिल्ली से महू पहुंच गए थे। रविवार दोपहर को शासकीय अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान परिजनों की हालत खराब थी। वे इसके बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जबकि घायल सैन्य अधिकारी ले. आदित्य किरन को महू में सेना के अस्पताल में भर्ती किया गया है। बताया जाता है कि जिस समय यह दुर्घटना हुई उस समय दोनों नशे में थे। बताया जाता है कि कार में से अंग्रेजी शराब की बोतलें मिली हैं। हालांकि पुलिस इस बारे में चुप्पी साधे हुए है। इसके अलावा यह भी बताया जाता है कि कार में दो से अधिक लोग सवार थे। पुलिस ने बताया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

हेरिटेज ट्रेन का इंजन फेल, चालीस मिनट देरी से रवाना हुई

पुराना हटाकर दूसरा इंजन लगाया, ट्रेन के चलने से पहले इंजन की जांच न करने की खबर

महू। रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण हेरिटेज ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को महू रेलवे स्टेशन पर खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस ट्रेन में लगाने से पहले इंजन की जांच नहीं की गई, जिसका नतीजा ये हुआ कि इंजन गाड़ी रवाना होने से पहले ही खराब हो गया। उसे बाद में यार्ड में ले जाया गया और दूसरे इंजन की व्यवस्था की गई। इस दौरान यात्री करीब आधे घंटे तक स्टेशन पर इंतजार करते रहे।

लगभग तीन माह में पहली बार हेरिटेज ट्रेन अपने तय समय से चालीस मिनट देरी से रवाना हुई। जानकारी के अनुसार रविवार को महू रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर हेरिटेज ट्रेन कालाकुंड की ओर जाने के लिए तैयार खड़ी थी। इस ट्रेन की ज्यादातर सीटें भर चुकी थीं। 11.15 बजे जैसे ही ट्रेन रवाना होने लगी तो इंजन में कुछ खराबी आ गई। उसे सुधारने के लिए कुछ त्वरित प्रयास किए गए मगर सफलता नहीं मिलने पर इंजन को गाड़ी से हटाकर पास ही बने रेलवे यार्ड में भेजा गया। इस दौरान दूसरे इंजन की व्यवस्था की गई जो कुछ देर में आया। इस पूरी कवायद में करीब चालीस मिनट लग गए, लिहाजा हेरिटेज ट्रेन रविवार को सुबह 11.48 बजे रवाना हुई।

पहली बार बिगड़ा इंजन

हेरिटेज ट्रेन शुरू होने के बाद से यह पहला मौका था जबकि ट्रेन को चलने में देरी हुई और उसमें यह खराबी आई। ऐसे में यदि इंजन में यह खराबी आगे रास्ते में आती तो लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था। बताया जाता है कि यार्ड में इंजन का सही रखरखाव नहीं किया गया। अगर समय पर जांच की जाती तो यह समस्या नहीं होती। इस संबंध में रेलवे के स्थानीय अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।