महू। नईदुनिया प्रतिनिधि

सिमरोल क्षेत्र में बारह वर्ष बाद बुधवार को गांव गेर माता पूजन कार्यक्रम हुआ। इसमें करीब 35 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम सुबह चार बजे से शुरू हो गया था, जहां महिलाएं सिर पर सिगड़ी लेकर गांव से छह किमी दूर खोदरा माता क्षेत्र में शीतला माता मंदिर पहुंचीं। सुबह करीब छह बजे सिर पर से सिगड़ी उतारने का कार्यक्रम शुरू किया गया, जो सुबह 11 बजे तक जारी रहा। भाइयों ने सिगड़ी उतारी और और माता को अर्पित की। इसके बाद रीति-रिवाजों से पूजन किया गया। गांव की यह सामूहिक पूजा होती है, जिसमें हर घर के सभी सदस्य और कुटुंब के लोग भाग लेते हैं। इसमें दूर-दूर से नौकरीपेशा और मूल निवासी लोग भी आए। क्षेत्र में इसकी तैयारियां करीब पंद्रह दिनों से जारी थीं। इस दौरान पुलिस ने इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर भारी वाहनों का यातायात तेजाजी नगर चौराहे से ही रुकवा दिया था। बेहतर व्यवस्था के लिए इंदौर से भी बल बुलाया गया था।

यह है परंपरा

मालवा के गांवों में गांव गेर पूजन का कार्यक्रम किसी पर्व की तरह मनाया जाता है। यह 12 वर्ष में एक बार होता है। इसके तहत ग्रामीण शीतला माता का सामूहिक पूजन करते हैं। जिस भी घर से गांव पूजन की मान ली जाती है, वहां की महिला सिर पर सिगड़ी (पूजन के लिए मिट्टी से बनाया मंदिर) उठाती है। नाते-रिश्तेदारों को आमंत्रित किया जाता है। पूजन के तय दिन पर शुभ मुहूर्त में गांव के सभी लोग इकट्ठे होकर बैंडबाजे के साथ शीतला माता मंदिर जाते हैं। मान वाली महिलाएं जोड़े (पति-पत्नी) के साथ इसमें शामिल होते हैं। भाई बहनों को कपड़े आदि प्रदान करता है। पूजन के बाद सभी लोग घर जाकर सामूहिक भोज करते हैं।