भागवत कथा में शिव की बारात आई, श्रद्धालु बाराती बन झूमे

महू। चक्कीवाले महादेव मंदिर परिसर में आयोजित भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को कथावाचक महाराज प्रपन्नाचार्य ने कहा कि शिव को पाने के लिए पार्वती को न सिर्फ तपस्या करना पड़ी, बल्कि कई जन्म लेने पड़े तब कहीं जाकर शिव की प्राप्ति हुई। शिव को प्राप्त करने का मतलब सब कु छ प्राप्त कर लेना है और इसके लिए कड़ी तपस्या व निस्वार्थ भक्ति जरूरी है जो हर कि सी के बस में नहीं है। कथा के दौरान शिव-पार्वती के विवाह का आयोजन कि या गया। जैसे ही शिव बारात लेकर आए तो पूरा पंडाल खुशियों से झूम उठा। हर श्रद्धालु यहां बाराती बन कर नृत्य करने लगा। उन्होंने कहा कि भागवत गीता में कहा गया कि जो लिखा है, उसका होना तय है, उसे मनुष्य अपने कर्मों से बदल सकता है। यह मनुष्य के कर्मों पर निर्भर है कि वह कि स प्रकार का चरित्र और व्यवहार कर अपने जीवन को ढालता है। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं।