भोपाल, नवदुनिया स्टेट ब्यूरो । विधानसभा चुनाव 2018 के टिकट वितरण के लिए कांग्रेस द्वारा बनाई गई छानबीन समिति के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने शुक्रवार को पीसीसी में पूर्व सांसदों, पीसीसी पदाधिकारियों और मोर्चा-संगठन अध्यक्षों से सवाल किया कि 2013 में कांग्रेस क्यों हारी थी? मिस्त्री ने 2013 में भी टिकट तय किए थे जिनकी सिफारिशों का कच्चा चिट्ठा लेकर वे भोपाल आए हैं। जिन आंकड़ों के आधार पर पिछली बार टिकट दिए गए थे उनके बारे में दूसरे पक्ष के लोगों की बात सुनकर वे भौंचक रह गए।

वहीं, उन्होंने आज की परिस्थितियों में जीतने वाले प्रत्याशी सहित अन्य दावेदारों के नाम भी जानने की कोशिश की। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह दस बजे मिस्त्री छानबीन समिति के सदस्यों नेटा डिसूजा व अजय लल्लू के साथ पहुंच गए थे और करीब 11 घंटे तक प्रदेश के नेताओं से मुलाकात करते रहे।

सूत्रों के अनुसार मिस्त्री 2013 विधानसभा चुनाव में बांटे गए टिकटों, प्रत्याशी के लिए की गई सिफारिश व दिए गए तर्क का रिकॉर्ड अपने साथ लेकर बैठे थे। इस रिकॉर्ड के आधार पर प्रदेश के नेताओं से उनके क्षेत्रों सवाल-जवाब कर रहे थे तो कुछ नेताओं के जातीय आंकड़ों को सुनकर वे चौंक गए।

मालवा के दो जिलों में जातिगत आंकड़ों के सब्जबाग दिखाकर अपने समर्थकों को टिकट दिलाने में कामयाब रहे नेताओं की कलई उस समय खुल गई जब मिस्त्री ने वहां के जातीय आंकड़ों की छानबीन की। मालवा के ही एक जिले की आठ सीटों के संबंध में एक नेता से उन्होंने कहा कि आपको आठ सीटें दी थीं तो हार कैसे गए। नेताजी ने कहा कि मैंने तो केवल दो टिकट लिए थे बाकी दूसरे नेता की सिफारिश पर आपने दिए जिनकी जमानत भी जप्त हो गई।

इतने मतदाता तो आडवाणी की सबसे बड़ी लोस सीट में भी नहीं -

एक पूर्व सांसद द्वारा अपनी सीट के मतदाताओं की संख्या 21 लाख बताने पर मिस्त्री ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी की लोकसभा सीट सबसे बड़ी हैं जिसमें 17 लाख मतदाता हैं। पूर्व सांसद ने तर्क दिया कि अब मेरी सीट पर इतने मतदाता हो गए हैं। मिस्त्री ने इसे मानने से इनकार कर दिया।

पूर्व सांसदों ने मांगी टिकट -

बताया जाता है कि इस मुलाकात में कुछ पूर्व सांसदों ने अपने लिए टिकट की मांग भी की है। इनमें सज्जन वर्मा ने सोनकच्छ, विजयलक्ष्मी साधौ ने महेश्वर और सूरजभान सोलंकी ने मनावर सीट से टिकट की मांग की है। प्रेमचंद गुड्डू उज्जैन जिले के आठ सीटों के लिए 18 जुलाई के बाद पैनल लेकर दिल्ली जाएंगे। वहीं, मिस्त्री के साथ महिला कांग्रेस की बैठक में करीब 12 सीटों पर टिकट की मांग की गई।

12 पूर्व सांसदों ने की मुलाकात -

मिस्त्री के साथ मुलाकात के लिए 24 पूर्व सांसदों को सूचना दी गई थी लेकिन आधी संख्या में ही पूर्व सासंद पहुंचे। सबसे पहली मुलाकात पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के नाते सुरेश पचौरी ने की। उनके अलावा पूर्व सांसदों में से सुरेंद्र सिंह ठाकुर, प्रतापभानु शर्मा, सूरजभान सोलंकी, बाबूलाल सोलंकी, नारायण आमलावे, सज्जन वर्मा, प्रेमचंद गुड्डू, मानिक सिंह, विजयलक्ष्मी साधौ, विश्वेश्वर भगत व रामसेवक गुर्जर ही पहुंचे। विधायकों में केवल जीतू पटवारी ने मुलाकात की तो अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, सेवादल के प्रदेश समन्वयक योगेश यादव, किसान खेत मजदूर कांग्रेस के दिनेश गुर्जर और महिला कांग्रेस की मांडवी चौहान भी उनसे मिलीं।