मुरैना। ग्रामीण इलाकों के मुक्तिधामों में अतिक्रमण होने और टीनशेड के अभाव में मृतकों का अंतिम संस्कार करना दुष्कर हो गया है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नईदुनिया के फोकस पृष्ठ पर प्रकाशित विशेष पैकेज 'यातानाओं से भरा अंतिम संस्कार' के जरिए यह समस्या सामने आई थी। जिसके बाद मुरैना प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के मुक्तिधामों को अतिक्रमण मुक्त और टीनशेड युक्त करने के निर्देश दिए हैं।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने हर पंचायत में मुक्तिधाम के लिए जगह चिन्हित की थी। इसके बाद विभिन्न योजाओं के मद से इन मुक्तिधाम में टीनशेड और चबूतरों के निर्माण के निर्देश भी दिए थे, लेकिन ग्रामीण इलाकों में ये मुक्तिधाम अतिक्रमण और भ्रष्टाचार का शिकार हो गए। हालत अब यह है कि बारिश में लोगों के मृतकों का अंतिम संस्कार सड़कों पर, खेतों में करने पड़ रहे हैं। बरसते पानी में लोग चिता के ऊपर तिरपाल लेकर खड़े रहते हैं, ताकि बारिश का पानी चिता की आग को ठंडा न कर दे। इस तरह के यातना भरे अंतिम संस्कार के मामले सामने आने पर कलेक्टर मुरैना भरत यादव ने जिला पंचायत को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द इन विसंगतियों को दूर किया जाए।

कलेक्टर ने कहा-जहां उपलब्ध हो वहां से लें बजट

मुक्तिधामों पर टीनशेड डालने के लिए बजट की कमी न हो। इसके लिए कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि पंच परमेश्वर या अन्य किसी योजना के बजट का उपयोग इस काम के लिए किया जाए। क्योंकि मुक्तिधाम पर टीनशेड बेहद जरूरी हैं। अगर कहीं अतिक्रमण है तो प्रशासनिक सहायता से वहां अतिक्रमण हटाकर अतिक्रमणकारी पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह हैं कुछ चर्चित मामले

- 8 जनवरी 2018 को शहर की निबी इलाके में पूरन नामक व्यक्ति की मौत हो गई। यहां मुक्तिधाम नहीं था। जिसके चलते उनके परिजनों को घर के पास ही अंतिम संस्कार करना पड़ा था।

- 16 अगस्त को कैलारस के कोट सिरथरा में 80 वर्षीय राम बेटी की मौत हो गई। गांव के मुक्तिधाम में टीनशेड नहीं था। जिसके चलते परिवार वालों को मुक्तिधाम में टेंट लगाकर अंतिम संस्कार की विधि पूरी करनी पड़ी।

- 4 सितंबर को पोरसा के सिलावली गांव में एक व्यक्ति की मौत हो गई। यहां मुक्तिधाम में टीनशेड नहीं था, जिसके चलते ऊपर तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार करना पड़ा।

इनका कहना है

जिला पंचायत ग्राम पंचायतों को मिलने वाले बजट से मुक्तिधामों में टीनशेड लगवाएगी। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं - भरत यादव, कलेक्टर मुरैना