मुरैना। SC-ST एक्ट में संसद मे हुए बदलाव को लेकर लोगों में सामान्य वर्ग के लोगों में आक्रोश है और वे अंचल में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आ रहे राजनीतिक दलों के नेताओं का घेराव कर काले झंडे दिखाए जा रहे हैं। इस वजह से अब नेताओं ने अपने कार्यक्रमों को ही रद्द करना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से अंचल के नेताओं ने अपने कार्यक्रमों को रद्द किया है। इनमें भाजपा सहित कांग्रेस के नेता व विधायक शामिल हैं।

अभी तक इन नेताओं को दिखाए काले झंडे

सामान्य वर्ग के लोगों ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह, कांग्रेस के पीसीसी मेंबर अशोक सिंह को काले झंडे दिखाए हैं।

कार्यक्रम होने के बाद भी ये जनप्रतिनिधि नहीं आए

अनूप मिश्रा (सांसद) - सांसद अनूप मिश्रा को 31 अगस्त को भाजपा के पालक संयोजक सम्मेलन में आना था, लेकिन काले झंडे दिखाने की सूचना मिलते ही उन्होंने मुरैना आना रद्द कर दिया। इसके बाद उन्हें 1 सितंबर को इंडिया पोस्ट पैमेंट बैंक के शुभारंभ में आना था। लेकिन इस कार्यक्रम में भी वे नहीं आए।

रामनिवास रावत (कार्यकारी अध्यक्ष कांग्रेस) - विजयपुर विधायक व कांग्रेस के प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत को 2 सितंबर को कांग्रेस की बैठक में मुरैना आना था और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करनी थी, लेकिन काले झंडे दिखाने की बात को लेकर उन्होंने मुरैना आना निरस्त कर कर दिया।

नारायण कुशवाह (प्रभारी मंत्री) - जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को सोमवार को अंबाह में लवकुश जयंती कार्यक्रम में आना था, लेकिन उन्हें पता लगा कि काले झंडे दिखाए जाएंगे तो वे भी नहीं आए।

भारत कुशवाह (विधायक) - ग्वालियर के विधायक भारत कुशवाह को भी अंबाह में सोमवार को लवकुश जयंती कार्यक्रम में आना था, लेकिन वे विरोध को देखते हुए नहीं आए।

स्थानीय विधायक व मंत्रियों ने अपनाई रणनीति

जिले के स्वास्थ्य मंत्री व विधायकों ने विरोध को देखते हुए रणनीति बना ली है। उन्होंने अपने अधिकृत कार्यक्रम बना ही नहीं रहे हैं। जहां जाना है, वहां पर वे पहुंच जाते हैं और भाग लेते हैं। जिससे विरोध न हो सके।

कमलनाथ के कार्यक्रम पर भी कुहासा

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ 10 सितंबर को मुरैना में आसभा को संबोधित करेंगे, लेकिन अंचल भर में एससीएसटी एक्ट को लेकर हो रहे विरोध को देखते हुए उनके कार्यक्रम पर भी कुहासा छाया हुआ है। हालांकि कांग्रेसी रणनीति बना रहे हैं कि उन्हें काले झंडे कोई न दिखा पाए।