मुरैना। मुरैना में एक बार रेत माफिया ने पुलिस को चुनौती दी है। अवैध उत्खनन कर रेत ले जा रहे एक ट्रैक्टर रोकने की कोशिश कर रहे डिप्टी रेंजर को ट्रैक्टर चालक ने कुचल दिया। डिप्टी रेंजर की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर लिया है, लेकिन चालक फरार हो गया है। इसे लेकर प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है।

मिली जानकारी के मुताबिक घटना एबी रोड के धौलपुर रोड पर वंजारी नाके की है। मुरैना वन मंडल में पदस्थ सूबेदार सिंह कुशवाहा (58) अपने 4 साथियों के साथ यहां ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें रेत ले जा रहे ट्रैक्टर दिखे। ट्रैक्टरों के आगे चल रहे दो बाइक सवार नाके पर रूके और उन्होंने यहां रखी लोहे की कांटा प्लेट को पलटने का प्रयास किया। उन्हें रोकने के लिए जब डिप्टी रेंजर कुशवाह अपने साथी रामनाथ शर्मा के साथ उनकी ओर बढ़े तो रेत माफिया ने ट्रैक्टर की स्पीड बढ़ा दी और डिप्टी रेंजर को अपनी चपेट में ले लिया। डिप्टी रेंजर का सिर ट्रैक्टर से टकराया और वे काफी दूर तक ट्रैक्टर के साथ घिसटते चले गए। डिप्टी रेंजर को रौंदने के बाद चालक ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया। घटनास्थल पर उनके खून के छींटे काफी दूर तक बिखरे। साथी कर्मी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया।

मुरैना एसपी अमित सांघी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक घटना के बाद पुलिस की टीम ट्रैक्टर की तलाश में पास के नीवीगांव पहुंची तो ट्रैक्टर चालक गाड़ी के साथ खेत में छिपा हुआ था। पुलिस को देखकर उसने फिर ट्रैक्टर दौड़ा दिया। पुलिस ने करीब 12 किमी तक ट्रैक्टर का पीछा किया। इसके बाद नूराबाग थाना के धनेला रोड़ पर चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर लिया है।

इधर घटना के बाद डिप्टी रेंजर सुबेदार सिंह कुशवाहा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। फिर उनका शव गृहनगर भिंड रवाना कर दिया गया। प्रशासन ने उनके परिवार को 50 हजार रुपए की तत्काल राशि मुहैया कराई। साथ ही 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि जारी की गई। विभाग ने राज्य शासन से कुशवाह को शहीद का दर्जा देने की मांग की है।