मुरैना। इस महीने के दूसरे हफ्ते में यानी करीब 4 से 5 दिन बाद वन विभाग डॉल्फिन का सर्वे शुरू करेगा। वन विभाग ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस सर्वे में सिर्फ वे लोग ही शामिल किए जा रहे हैं, जो गणना करेंगे। अधिकारियों की मानें तो डॉल्फिन की गिनती के लिए शांतिपूर्ण माहौल की आवश्यकता होती है। इसलिए प्रयास किया जाएगा कि ज्यादा लोग इस दौरान गणना में मौजूद न रहें।

इस साल चंबल अभयारण्य में जलीय जीवों की गणना में राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन का शामिल नहीं किया गया था। वन विभाग का तर्क था कि इससे सही आंकड़े सामने नहीं आते। इसलिए अप्रैल महीने में तापमान बढ़ने और नदी का पानी कुछ कम होने के बाद ही इस सर्वे को अलग से आयोजित किया जाना था। रविवार बीतने के बाद वन विभाग इस सर्वे को शुरू करेगा। इसके लिए वन विभाग ने करीब 15 दिन की समय सारिणी तैयार की है। यह सर्वे कुछ अलग तरीके से किया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो नदी में पानी कम होने पर अब डॉल्फिन गहरे पूल में चली गई होंगी और ऐसे स्थिति में उन्हें गिना जाना अब काफी आसान होगा।

4 से 5 दिन में सर्वे शुरू हो जाएगा। सर्वे में ज्यादा लोग शामिल नहीं किए जाएंगे। यह सर्वे पूरी एकाग्रता के साथ हेागा। यही वजह है कि इस सर्वे को पूरा करने में 15 दिन तक का समय लग सकता है।

-पीडी गेब्रियल, डीएफओ मुरैना

45 डिग्री एंगल पर देखते हुए होगी गणना

इस बार सर्वे को बेहद एकाग्र होकर अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए हर बोट पर चार विशेषज्ञ रहेंगे। हर विशेषज्ञ एक दूसरे के विपरीत 45 डिग्री एंगल पर नजर रखते हुए डॉल्फिन की गिनती करेगा। इस तरह से चारों तरफ नजर रखते हुए डॉल्फिन की गणना होगी और एक ही जानवर को दो या अधिक बार गिने जाने जैसी तकनीकी गड़बड़ी नहीं होगी।

पूल्स के पास ठहरेंगे विशेषज्ञ: डॉल्फिन का सर्वे करने के लिए घड़ियाल सर्वे की तरह पूरी नदी की यात्रा अनिवार्य नहीं होगी। बल्कि पहले से ही चिह्नित पूल्स पर विशेषज्ञ बोट में ठहरकर गिनती करेंगे, क्योंकि डॉल्फिन छिछले पानी में नहीं जाती। अप स्ट्रीम के साथ राजघाट, रेलवे ब्रिज, बाबू सिंह का घेर, कुथियाना होते हुए विशेषज्ञ चिकनी घाट चकन नगर तक पहुंचेंगे।