मुरैना। जिले में 31 दिसंबर से शिक्षा विभाग के स्कूल एक शाला एक परिसर के दायरे में आ जाएंगे। 1 जनवरी से एक ही परिसर में चलने वाले स्कूल एक ही नाम से जाने जाएंगे। इनका न केवल लगने का समय एक होगा, बल्कि सभी व्यवस्थाएं एक होंगी और प्रबंधन भी एक ही संस्था प्रमुख के पास होगा।

जिले में इस तरह की 315 शालाएं हैं जो 1 जनवरी से एक ही नाम से जानी जाएंगी और एक हो जाएंगी। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि एक तो भवन की समस्या दूर हो जाएगी और दूसरे स्टाफ की समस्या भी दूर हो जाएगी। ऐसे में परिसर में चलने वाले हाईसकूल के शिक्षक न केवल प्रायमरी के शिक्षकों को पढ़ाएंगे। बल्कि मास्टर डिग्री धारी प्रायमरी के शिक्षक हाईस्कूल व हायर सेकण्डरी के छात्रों को पढ़ाएंगे।

उल्लेखनीय है कि जिले के सरकारी स्कूलों के लिए भवनों सहित शिक्षकों की खासी कमी है। खास बात है कि एक ही भवन में हाईस्कूल, मिडिल स्कूल व प्राथमिक स्कूल चल रहे हैं। इन सभी स्कूलों की संस्थाओं की व्यवस्थाएं व्यवस्थाएं अलग अलग हैं। लेकिन अब इनकी व्यवस्थाएं एक हो जाएंगी। इनका स्टाफ रजिस्टर एक होगा और कोई भी शिक्षक किसी भी कक्षा को पढ़ा सकेगा।

प्रायमरी में पढ़ाएंगे हाईस्कूल के शिक्षक

ज्यादातर स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। कई प्राइमरी स्कूल में ही स्नातकोत्तर किए हुए शिक्षक पढ़ा रहे है। इनकी सेवाएं अब विषयवार हाईस्कूल में पढ़ाएंगे। साथ ही प्रायमरी में शिक्षक नहीं है तो हाईस्कूल के शिक्षक प्राइमरी में पढ़ाएंगे। इससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा।

बड़े स्कूल का रहेगा नाम

एक ही परिसर में चलने वाले स्कूलों में जो शाला बड़ी होगी। उसका नाम ही रहेगा। शेष स्कूलों को उसी बड़े स्कूल में मर्ज किया जाएगा। पूरी गतिविधियां इसी स्कूल से संचालित की जाएंगी। इसके मुखिया शाला के अनुसार हैडमास्टर या प्राचार्य हो सकते हैं।

30 से 40 फीसदी शिक्षकों की कमी

जिले में ढाई हजार के करीब प्राइमरी, मिडिल व हाईस्कूल हैं। इन सभी स्कूलों में शिक्षकों की 30 से लेकर 40 फीसदी शिक्षकों की कमी है। ऐसे में कुछ हद तक शिक्षकों की कमी कुछ हद तक कमी हो जाएगी।

ऐसी होंगी व्यवस्थाएं

- परिसर की सभी स्कूलों का एक टाइम टेबल होगा।

- स्कूल का एक ही स्टाफ रजिस्टर बनाएंगे।

- एक ही स्कूल मैनेजमेंट कमेटी पूरी व्यवस्था देखेगी।

- परिसर में स्कूलों का एक ही बैंक एकाउंट रहेगा।

- एक से ज्यादा स्कूल एक परिसर में लग रहे हों तभी शामिल होंगे।

- खेल मैदान और अन्य सुविधाओं का उपयोग भी विद्यार्थी कर सकेंगे।

- शासन की योजनाओं का लाभ एंकर शाला से मिलेगा।

इनका कहना है

एक साला एक परिसर के तहत शिक्षा विभाग के 315 स्कूल अभी तक चिन्हित किए गए हैं। अभी बीईओ व बीआरएसी और स्कूलों को चिहिन्त कर रहे हैं। एक जनवरी से एक ही परिसर में चलने वाले स्कूल एक हो जाएंगे- आरजे सत्यार्थी, जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना