Naidunia
    Sunday, December 17, 2017
    PreviousNext

    कम ही सही पर चंबल में सलामत हैं 32 प्रजातियों के शिकारी परिंदे

    Published: Mon, 04 Dec 2017 03:47 AM (IST) | Updated: Mon, 04 Dec 2017 01:03 PM (IST)
    By: Editorial Team
    hunting birds 2017124 13310 04 12 2017

    मुरैना। चंबल नदी में 32 प्रजातियों के शिकारी पक्षी महफूज हैं। चंबल अभयारण्य के आधे हिस्से में इनकी उपस्थिति दिखाई देने के बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से इन शिकारी पक्षियों की उपस्थिति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। क्योंकि सालों पहले इन पक्षियों का सर्वे चंबल नदी में हुआ था और इनकी प्रजातियों को सूचीबद्घ किया गया था। इस सूची के हिसाब से ही इस बार वन विभाग ने फिर से सर्वे काम शुरू किया है।

    चंबल नदी जलीय जीवों का घर है, लेकिन चंबल के बीहड़ में भी अनगिनत जीवों के रहवास हैं। चंबल के भरखों में वे शिकारी पक्षी निवास करते हैं, जो चंबल नदी में मछलियों का शिकार करते हैं। नदी किनारे मरने वाले वन्य जीवों को खाकर यह चंबल को प्रदूषित होने से बचाते हैं।

    डीएफओ डॉ. एए अंसारी के अनुसार चंबल अभयारण्य में शिकारी पक्षियों की सूची में 32 प्रकार के पक्षियों का रिकॉर्ड मिलता है, लेकिन इन पक्षियों की मौजूदगी का पुनः परीक्षण सालों से नहीं हुआ था। हाल ही में गिद्घ गणना के दौरान इजिप्शन वल्चर, लांग बिल्ड वल्चर की मौजूदगी चंबल में पुष्ट हुई थी। लेकिन शिकारी उल्लू, चील और दूसरे शिकारी पक्षियों की मौजूदगी पर असमंजस बरकरार रहा। जिसके चलते इनके सर्वे का काम यहां इस साल शुरू किया।

    मौसम साफ होते हैं ऊपरी चंबल में सर्वे होगा शुरू

    शिकारी पक्षियों के सर्वे का काम पूरी सावधानी के साथ किया जा रहा है। सर्वे का काम दूरबीन के जरिए किया जाता है। ऐसे में सर्वे के दौरान मौसम साफ होना आवश्यक होता है। पिछले एक हफ्ते से लगातर चंबल नदी पर धुंध दिखाई दे रही थी। जिसके चलते सर्वे रोक दिया गया था। निचली चंबल में दो महीने में सर्वे का काम हो चुका है। अब ऊपरी चंबल यानी श्योपुर की तरफ सर्वे का काम एक-दो दिन में फिर से शुरू होगा।

    महीने भर का इंतजार और

    चंबल नदी में शिकारी पक्षियों की 32 प्रजातियों की झलक निचली चंबल में दिखाई दी है। यानी यह तो तय है कि सभी प्रजातियां फिलहाल यहां महफूज हैं। लेकिन इन प्रजातियों में कौन सी प्रजाति कम संख्या में और कौन सी ठीक ठाक स्थिति में है, यह साफ तब हो पाएगा जब सर्वे का काम पूरा हो जाएगा। इसके कम से कम एक महीने का इंतजार करना होगा। वन विभाग का जनवरी से पहले इस काम को खत्म कर लेना चाहता है।

    अभयारण्य में 32 प्रजातियों के शिकारी पक्षी सूचीबद्घ हैं। लंबे समय से इसे रीचैक नहीं किया गया था। खुशी की बात है कि आधे सर्वे में ही यह सभी प्रजातियां दिखाई दे गई हैं। अब सर्वे खत्म होने के बाद इनकी संख्या का अनुमान लग पाएगा।

    डॉ. एए अंसारी, डीएफओ मुरैना

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें