मुरैना। ससुराल से पत्नी को घर ला रहे एक पति ने पहले तो रास्ते में पत्नी की कट्टे से गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद को गोली मारी और लूट की कहानी गढ़ी। हालांकि पुलिस ने पहले तो इस मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। लेकिन घटना के बाद से ही पति संदेह के दायरे में आ गया। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो पहले तो वह अपनी कहानी पर ही अड़ा रहा। लेकिन बाद में टूट गया।

उसने पत्नी की हत्या करना स्वीकार कर लिया। साथ ही कट्टा सहित महिला से लूटे गए जेवरातों को भी घटना स्थल के पास से बरामद करा दिया। पुलिस ने अब आरोपितों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। मामले में खासबात यह थी कि सुबह मामला लूट व हत्या का सामने आया था। लेकिन कुछ ही देर बाद मामले में मोड़ आ गया।

इस तरह हुआ घटनाक्रम

एसपी डॉ. असित यादव ने बताया कि पुलिस के पास बुधवार रात करीब 11.10 पर सूचना आई कि माता बसैया थाने के तहत जींगनी गांव के पास बदमाशों ने लूट के इरादे से महिला को गोली मार दी और एक युवक घायल है। सूचना के बाद एसडीओपी हेडक्वार्टर मानवेन्द्र सिंह व कोतवाली टीआई अतुल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतका का शव सड़क से करीब दो सौ मीटर अंदर खेत में पड़ा हुआ था। युवक व मृतका को जिला अस्पताल भेजा। युवक देवकीनंदन उपाध्याय व उसकी पत्नी मनोरमा थी। देवकीनंदन ससुराल से अपनी पत्नी मनोरमा को बाइक से मुरैना ला रहा था।

इस तरह पुलिस को शक हुआ देवकीनंदन पर

एसपी के मुताबिक पहले तो पुलिस लूट का ही मामला मान रही थी। आरोपित ने भी लूट की बात कही थी। महिला के गले से मंगलसूत्र, चेन आदि ही गायब थे। हाथों की चूड़ियां व पर्स में ज्वेलरी मौजूद थी। साथ ही आरोपित के पेट पर बांई तरफ गोली से जलने के निशान थे। ऐसे में पति देवकीनंदन पर शक हुआ। जब उससे अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ही पूछताछ की तो उसने हत्या करना कबूल कर लिया।

मेहगांव से मुरैना के बीच बाइक से करीब दो घंटे का रास्ता है। ऐसे में आरोपित ने जींगनी तक आने में काफी समय लिया। ऐसे में उसके ऊपर शक हुआ। साथ ही वह शराब पिए हुए था। इसलिए वह संदिग्ध लग रहा था।

10 दिन पहले की प्लानिंग, रास्ते में तीन जगह पी शराब

एसपी के मुताबिक आरोपित पति देवकीनंदन के अपनी पत्नी मनोरमा से संबंध अच्छे नहीं चल रहे थे। उसकी शादी को तीन साल हो चुके थे। इसलिए उसने मनोरमा को मारने के लिए 10 दिन पहले प्लानिंग की और हत्या के लिए कट्टा व दो कारतूस खरीदे। बुधवार को वह पत्नी को लेने के लिए दिन में डेढ़ बजे मेहंगाव के पास अजनौधा गांव गया। ससुराल पक्ष के लोगों के रोकने के बाद भी आरोपित मनोरमा को लेकर बाइक से चल दिया। इसके बाद उसने रास्ते में तीन जगहों पर शराब पी। इसके बाद जींगनी के पास उसने अपनी प्लानिंग के मुताबिक घटना को अंजाम दे दिया।

हत्या के बाद दो घंटे तक की प्लानिंग

एसपी के मुताबिक आरोपित ने पत्नी की हत्या करने के बाद कहानी बनाने में उसने दो घंटे का समय लिया। प्लान के मुताबिक उसने जेवरात आदि को पॉलीथिन में पैक किया और टेप लगाकर बाइक के आसपास जमीन में गाड़ दिया। हालांकि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस जब उसे मौके पर लेकर पहुंची तो उसने सभी चीजे बरामद करा दीं।

इस तरह कहानी बनाई थी आरोपित ने

आरोपित ने अपने व पत्नी की हत्या कर अपने व मृतका के मोबाइलों को बंद कर जमीन में गाड़ दिया। इसके बाद बाइक को खराब कर अंबाह की ओर मुंह करके खड़ा कर दिया। इसके बाद एक बाइक से लिफ्ट लेकर मुरैना आया और रामनगर से 100 डायल की एफआरवी को लेकर गया। जिससे लगे वाकई में उसके साथ लूट हुई है।

पिता ने कहा, पहले से ही शक था

मृतका के पिता जगमोहन शर्मा ने बताया कि जैसे ही घटना की सूचना मिली, तभी शक हो गया था कि देवकीनंदन ने ही हत्या की है। क्योंकि बेशक उसकी बेटी के हाथों में आर्टीफिसियल ज्वेलरी की चूड़ियां थी। लेकिन रात में लुटेरों को क्या मालूम कि वे असली हैं या नकली। लुटेरे चूड़ियों को छोड़ कैसे गए। लुटेरे होते तो पूरा माल ले जाते। बेटी की शादी 18 अप्रैल 2016 को हुई थी। तभी से आरोपित उसकी बेटी से मारपीट कर रहा था और परेशान कर रहा था।