शिवप्रताप सिंह जादौन, मुरैना। चंबल का वह दौर बीत गया है, जब बागियों की बुलेट के डर से बैलेट पर मोहर लगा करती थी। चुनाव आते ही बागियों के फरमान जारी होते थे। फरमानों के साथ ही परिणाम भी तय हो जाया करते थे। बीहड़ में सक्रिय ये बागी नदी की एक तरफ मध्यप्रदेश तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के गांवों में चुनावों का रुख मोड़ देते थे, लेकिन अब चंबल में बागियों की बंदूक का खौफ नहीं, बल्कि बदमाशों के तमंचों का डर है। पुलिस इस डर को समय रहते भांप चुकी है। यही वजह है कि चुनाव से पहले ही पुलिस करीब एक हजार अवैध हथियार जब्त कर चुकी है। चंबल में सबसे ज्यादा अवैध हथियार और बदमाश भिंड से पकड़े गए हैं।

दूसरे नंबर पर चंबल का मुरैना जिला है। चंबल के बीहड़ों में सक्रिय रहे डकैत गिरोह अब से करीब 20 साल पहले तक चुनावों में दखल देने का काम किया करते थे। तब चंबल में तैनात पुलिस अधिकारियों को यह सूचना मिल जाती थी कि किस इलाके में कौन से डकैत ने क्या फरमान जारी किया है। लाख कोशिशों के बाद भी डकैतों के इन फरमानों का असर चुनाव प्रक्रिया पर दिखाई देता था। चंबल में सक्रिय रहे डकैत गिरोह जगजीवन परिहार, निर्भय गुर्जर, फूलन देवी के फरमानों से जुड़ी खुफिया रिपार्ट आज भी पुलिस के पास सुरक्षित हैं। साल 2000 से लेकर 2010 तक चंबल में करीब 65 एनकाउंटर हुए। इनमें 110 डकैतों को ढेर कर दिया गया और कुछ पकड़ लिए गए।

इसके बाद साल 2014 में राज्य सरकार ने चंबल को डकैत मुक्त घोषित किया, लेकिन राजनीति के खिलाड़ियों को डर कायम रखने के लिए बदमाशों के कंधे मिल गए। इस बार भी चुनाव के दौरान भय पैदा करने के लिए बदमाशों को यूपी से लाए गए और अंचल में ही तैयार किए गए हथियार उपलब्ध कराने की खबरें पुलिस को मिलीं। जिसके चलते पुलिस ने चंबल के श्योपुर, भिंड, मुरैना और दतिया में बार्डर टाइट कर दिया। इन जिलों में यूपी से आने वाले रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे तक लगाए गए हैं।

बॉर्डर पर पुलिस अलर्ट

चंबल के मुरैना, भिंड और दतिया जिले यूपी से लगे हुए हैं। हम लोकल बदमाशों पर कार्रवाई करने के अलावा इस बात पर भी ध्यान दे रहे हैं कि बाहर से बदमाश चुनाव के समय यहां न आएं। बदमाशों को सप्लाई होने वाले अवैध हथियारों के चैनल को भी चंबल में तोड़ दिया गया है। भिंड और मुरैना से सबसे ज्यादा अवैध हथियार बरामद हुए हैं। बार्डर पर सभी जिलों में पुलिस अलर्ट है। योगेश देशमुख आईजी चंबल

9 मार्च से अब तक कहां कितने हथियार पकड़

जिला हथियार कारतूस भिंड 249 152 मुरैना 111 72 दतिया 42 64 श्योपुर 41 04 कुल 443 292 नोट: पुलिस के मुताबिक फरवरी से अब तक इन हथियारों को मिलाकर कुल 988 हथियार जब्त हुए हैं।

मुरैना, भिंड और दतिया में पुलिस अधिक अलर्ट

आईपीएस अधिकारी योगेश देशमुख ने मुरैना एएसपी रहते हुए बागियों का दौर देखा था। अब वे यहां बतौर आईजी पदस्थ हैं। देशमुख कहते हैं कि बदमशों को प्रदेश की सीमाएं फांदने से रोकने के लिए बार्डर पर सख्त पहरेदारी है। पुलिस चुनावों में गड़बड़ी रोकने के लिए अवैध हथियार पकड़ने का अभियान करीब 3 महीने से चला रही है। श्री देशमुख के अनुसार 988 हथियार चंबल रेंज से बरामद हो चुके हैं। आचार संहिता लगने के बाद से पुलिस ने अधिक अवैध हथियार और बदमाश पकड़े हैं।