मुरैना। बिजली का बिल चुकाने के मामले में सरकारी विभाग लापरवाही बरत रहे हैं। सिर्फ जिलाधीश कार्यालय के कनेक्शनों के बिल ही समय से जमा किए जा रहे हैं। बाकी 24 ऐसे विभाग हैं, जो अपने बिजली के बिल समय पर नहीं चुका रहे हैं। कुल सरकारी कनेक्शनों की संख्या में से सिर्फ 5 कनेक्शनों के ही बिल समय पर जमा हो रहे हैं। ये 5 कनेक्शन कलेक्टर के ऑफिस के हैं। बाकी जगहों पर वसूली के लिए बिजली कंपनी को हर साल की तरह इस साल भी बिजली कनेक्शन पर प्लायर्स चलाना पड़ा है।

उप महाप्रबंधक बिजली कंपनी शिशिर गुप्ता के मुताबिक हर साल मार्च महीने में आम उपभोक्ताओं के अलावा सरकारी विभागों से वसूली करने के लिए कंपनी को अलग से जद्दोजहद करनी होती है। इस साल भी आलम ऐसा ही है। लेकिन इस बार कंपनी पूरी तरह से प्रोफेशनल होकर काम कर रही है। कंपनी ने इस बार सभी विभाग प्रमुखों को 7 दिन के भीतर बकाया पैसा जमा करने के लिए कहा था। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने एक भी दिन की मोहलत विभागों का न देते हुए इन विभागों के कनेक्शन काटने शुरू किए हैं। इनसमें एक दर्जन भर कनेक्शन काटे जा चुके हैं। जानता से सीधे जुड़े विभागों को सूची में सबसे अंत में रखा गया है ताकि कार्रवाईयों से सबक लेकर जनता से जुड़े विभाग अपने बिल पहले ही जमा करवा दें।

सबसे बड़ी बकायादार नगर निगम

मुरैना शहर में सरकारी विभागों के जितने कनेक्शन हैं उनमें से 50 फीसदी से ज्यादा कनेक्शन अकेले नगर निगम ने ले रखे हैं। नगर निगम के पास कुल 163 वैध कनेक्शन हैं। इन कनेक्शनों पर करीब 4 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा बकाया है। इतना ज्यादा बकाया जिले के किसी सरकारी महकमे पर नहीं है। नगर निगम का यह बकाया एक साल का नहीं है। बल्कि इसमें बीते सालों के बिल बकाया भी जुड़े हुए हैं। जिसे निगम बार-बार नए विवाद पैदा करके चुकाने से बच रहा है।

बीएसएनएल और कमिश्नर कार्यालय भी शामिल

बकायादारों की सूची में बीएसएनएल और कमिश्नर कार्यालय भी शामिल हैं। कमिश्नर कार्यालय संभाग का सबसे बड़ा आधिकारिक कार्यालय माना जाता है। ऐसे में इस कार्यालय में 5 कनेक्शन हैं, उन के भी बिल नहीं भरे जाना आश्चर्य का विषय है। वहीं बीएसएनएल जैसी संस्था द्वारा भी कंपनी का पैसा न चुकाना हैरानी की बात है। क्योंकि अगर बीएसएनएल का बिजली कनेक्शन काटा जाता है तो इससे जुड़े नेटवर्क पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

ये हैं कुछ बड़े बिकाया दार

विभाग कनेक्शन संख्या बकाया राशि

नगर निगम 163 4 करोड़ 18 लाख 4 हजार

शिक्षा विभाग 21 15 लाख 74 हजार 725

ग्रामीण यांत्रिकी 04 11 लाख 41 हजार

पीडब्ल्यूडी 05 12 लाख 45 हजार

सेल्सटैक्स 03 11 लाख 42 हजार

बीएसएनएल 10 13 लाख 04 हजार

इनका कहना है

विभागों को नोटिस दिए गए हैं। जो प्रक्रिया है उसके अनुसार कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। कुछ विभागों ने बकाया बिल जमा करवाने शुरू भी किए हैं।

-शिशिर गुप्ता, डीई बिजली कंपनी