मुरैना। बीते सात दिनों में जिलेभर में लूट, चोरी, डकैती जैसे दर्जन भर वारदातें हुई हैं। इन वारदातों को बदमाशों ने बैखौफ होकर अंजाम दिया है। इनमें से ज्यादातर वारदातों के बारे में पुलिस कुछ भी पता नहीं लगा पाई है। सबसे ज्यादा संगीन वारदातें बानमोर और नूराबाद इलाके में हुई हैं, जबकि जिले के दूसरे कस्बों में चोरियों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

नया साल का पहला हफ्ता लोगों में असुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने वाले और पुलिस के लिए सिरदर्द भरा रहा है। साल की शुरुआत में ही बानमोर कस्बे में दो जगहों पर हथियारबंद लोगों ने डकैतियां डालीं। जिनमें से एक वारदाता कैमरे में कैद हुई। इसके बाद रिठौरा थाना क्षेत्र के शनि पर्वत पर स्थित प्राचीन मंदिर की पुरातत्व महत्व की प्रतिमा चोरी हो गई।

ताजा घटना खुलेआम व्यापारी से की गई लूट का है। इसके अलावा अंचल में 10 से जयादा चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इन सभी घटनाओं ने बदमाशों में पुलिस के कम होते खौफ को जाहिर किया है। वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। नूराबाद में हुई डकैतियों के बाद टीआई नूराबाद का मौके पर न पहुंचना भी इसी लापरवाही का एक उदाहरण रहा है। हालांकि इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने टीआई को लाइन का रास्ता भी दिखाया है, लेकिन मामलों के खुलासे अभी तक नहीं हो पाए हैं।

ये तीन वारदातें और पुलिस का दावा

वारदात 1- नए साल की पूर्व रात को 6 हथियारबंद बदमाशों ने एक व्यापारी के पूरे परिवार को पिस्टल और कट्टों की दम पर पीटा और डकैती डाली। इसी रोज पास ही के एक घर में ये डकैत हथियारों की दम पर लाखों की डकैती डाल ले गए, लेकिन पुलिस ने सिर्फ एक मामले को ही डकैती माना। वह भी इसलिए क्योंकि घर मालिक के पास पूरे वाकिए के सीसीटीवी फुटेज थे। ये साल की पहली बड़ी वारदात थी।

पुलिस का दावा: पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में नूराबाद टीआई को लाइन भेज दिया था। वहीं एएसपी अनुराग सुजानिया का दावा है कि पुलिस इन घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों के बेहद करीब पहुंच गई है।

वारदात 2- सोमवार शाम बाइक सवार बदमाशों के एक गिरोह ने बानमोर के सराफा व्यवसाई से पैसे और चांदी की बालियां लूट लीं। आम लोगों की सक्रियता से एक आरोपित को पकड़ लिया गया। इस घटना के बाद बानमोर कस्बे में दहशत फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने व्यापाारी की शिकायत पर आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

पुलिस का दावा: इस मामले में एक आरोपित के पकड़ जाने से पुलिस का काम आसान हो गया था। एएसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक इस मामले में आरोपित पकड़ लिए गए हैं व चोरी गया माल भी बरामद हो गया है।

वारदात 3- रविवार-सोमवार की दरमियानी रात जयरामदास बाबा आश्रम ऐंती पर्वत पर स्थित राधाकृष्ण मंदिर से चोर पुरातत्व महत्व की प्राचीन गोपाल जी प्रतिमा चुरा ले गए। लोगों की धार्मिक आस्था जुड़े होने के कारण ये मामला अपने आप में गंभीर था। वहीं प्रतिमा चोरी के मामले को राज्य स्तर पर भी गंभीरता से लिया गया है।

पुलिस का दावा: एएसपी अनुराग सुजानिया का कहना है कि कोई क्लू नहीं मिला है। पुलिस अपना काम कर रही हैं। हो सकता है कि चोर अष्टधातु की प्रतिमा समझकर पत्थर की प्रतिमा को ले गए हों। इसलिए पुलिस को यह काम प्रतिमा तस्कर का नहीं लग रहा है।

शहर में फायरिंग की घटनाओं से दहशत

मुरैना के कस्बाई इलाकों में चोरी और डकैतियों ने सनसनी फैला रखी है तो मुरैना शहर भी बदमाशों के भय से अछूता नहीं है। इसी हफ्ते में शहर के युवा कांग्रेस नेता गौरव बाथम के घर के सामने कुछ लोगों ने सरेआम फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। वहीं सिद्ध नगर में आधे घंटे तक दो पक्षों में हुई फायरिंग का मामला थाने तक न पहुंचने के कारण दबा दिया गया है। जीवाजीगंज में बाइकर्स गिरोह पर नकेल कसने में भी पुलिस नाकाम रही। ऐसे में शहर में लागों को असुरक्षा महसूस हो रही है।

अनुपयोगी साबित हुई क्राइम ब्रांच

साल भर पहले मुरैना पुलिस ने अपने स्तर पर क्राइम ब्रांच का गठन किया। इसमें जिले के चुनिंदा पुलिस अफसरों और जवानों को नियुक्त किया गया। जिले में हुईं सनसनीखेज वारदातों के निकाल में आम तौर पर थानों के पुलिस बल के साथ क्राइम ब्रांच का नाम जोड़कर अधिकारियों ने जमकर वाहवाही लूटी। लेकिन अब जब एक के बाद एक संगीन वारदातें सामाने आ रही हैं तो क्राइम ब्रांच भी इनसे निपटने और पतारसी करने में अनुपयोगी साबित होती दिख रही है। क्राइम ब्रांच के नाम पर व्यापारियों को धमकाने और उगाही करने के कई मामले जरूर लोगों के सामने आ चुके हैं।