मुरैना। नईदुनिया प्रतिनिधि

नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा ने बाजार की उन दुकानों पर जुर्माना किए थे, जहां से कचरा निकलता है। जुर्माने के आंकड़े बढ़ाने के लिए कुछ ऐसी दुकानों के भी जुर्माने किए गए थे, जहां से निगम की कचरा गाड़ी कचरा एकित्रत करती है। इसके बाद यह मुहिम थम गई। इससे सबसे ज्यादा फायदा उनक होटल और नाश्ते की दुकानों को हुआ, जहां से हर रोज गंदगी सड़कों पर फेंकी जाती है।

नगर निगम ने शहर के सभी होटलों और नाश्ते की दुकानों को नगर निगम अधिनियम के तहत नोटिस दिए थे कि सभी अपने अपने यहां से निकलने वाले कचरे के निपटारे की व्यवस्था या तो अपने खर्च पर करें या फिर नगर निगम को इसके लिए निर्धारित शुल्क चुकाएं। नियम अनुसार सड़कों पर गंदगी करने वाले होटल और नाश्ते की दुकानों पर 500 रुपए से लेकर 11 सौ रुपए तक के जुर्माने किए जाने का प्रावधान है। लेकिन निगम की स्वास्थ्य शाखा इन दुकानों पर महीने डेढ़ महीने में एक बार जुर्माना करती है। बाकी दिन ये लोग बिना किसी रोक टोक के सड़कों को गंदा करने का काम करते हैं।

सफाई से नहीं सिर्फ टारगेट पूरा करने से मतलब

होटलों और नाश्ते की दुकानों पर महीने में एक बार होने वाली कार्रवाई। इन्हें बाकी दिन मनमानी करने की अनुमति दे देती है। निगम को एक बार 11 सौ रुपए जुर्माना देने के बाद ये लोग महीने भर इसी तरह सड़केां को गंदा करते हैं। इनके पास न तो कचरे दान हैं और नहीं कचरे को नगर निगम के वाहनों तक भेजने के लिए साधन हैं। इसलिए नगर निगम ही सड़कों से इन दुकानों का कचरा उठाती है।

फोटो 11ए- फैला कचरा