कैलारस। नईदुनिया न्यूज

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैलारस के नवीन भवन का निर्माण कार्य अभी चल ही रहा है। निर्माण पूरा हो पता, इससे पहले ही अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया। अधूरे पड़े इस भवन को हैंडओवर भी कर लिया गया। सोमवार की सुबह इसका खामियाजा एक वृद्धा को अपनी जान गवांकर भुगतना पड़ा। कैलारस सामुदायक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार सुबह चार बजे के लगभग प्रसूता के साथ आई अटेंडर बैजंती राठौड़ अस्पताल परिसर में एक मंजिल की छत से नीचे गिर गई। ऊंचाई से गिरने के कारण बैजंती के सिर में गंभीर चोटें आई। इससे उसे प्राथमिक उपचार देकर जिला चिकित्सालय के लिए रैफर कर दिया वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि कैलारस सामुदाय स्वास्थ्य केंद्र में डिलेवरी कराने आई महिला के साथ आई अटेंडर बैजंती राठौड़ पत्नी रामदयाल (65) निवासी अनाज मंडी के पीछे गड्डा मोहल्ला कैलारस अल सुबह मेटरनिटी वार्ड के पास स्थित शौचालय गई थी। तभी अचानक महिला हादसे का शिकार हो गई और छत से नीचे जा गिरी। जहां से बैजंती नीचे गिरी थी वहां पर किसी भी प्रकार की रैलिंग नही थी। जिसके चलते महिला अस्पताल परिसर में आंगन में जा गिरी। छत से गिरने से बैजंती के सिर में गंभीर गंभीर चोटें आई, महिला को प्राथमिक चिकित्सा देकर मुरैना रैफर किया गया। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों ने बैजंती को मृत घोषित कर दिया। वहीं महिला के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में नही कोई रैलिंग थी और न ही कोई दीवार थी। इसके साथ ही हादसे के वक्त अस्पताल में डाक्टर भी नहीं था। लगभग आधा घंटे देरी से प्राथमिक इलाज शुरू हो सका। समय पर इलाज भी नही मिला जिसके कारण बैजंती की जान गई।

यहां बता दें कि कैलारस समुदाय स्वास्थ्य केंद्र की नवीन इमारत का लोकार्पण कर स्वास्थ्य विभाग के हैंड ओवर कर दिया गया। लेकिन इमारत में अभी भी एक हिस्से में निर्माण कर चल रहा है। जिसके चलते कई जगह से इमारत में ऐसी जगह है। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीज व अटेंडरों के लिए घातक साबित हो सकती है। कायदे से जब तक अस्पताल भवन का निर्माण पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक इसमें संचालन नहीं किया जाना चाहिए था। लेकिन आनन फानन में अधूरे भवन में ही अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया। जिसकी परिणति बैजंती की जान गई है।

अन्य मरीजों की जान भी रहती है खतरे में:

अधूरे पड़े अस्पताल भवन का संचालन शुरू कर दिया गया। जहां ऊपर की मंजिल पर प्रसूता वार्ड बनाया गया है। ऐसे में इस अधूरे भवन की वजह से अन्य लोगों की जान भी खतरे में बनी रहती है। क्यों कि प्रसूताओं के साथ महिलाएं व बच्चे भी साथ में आते है। ऐसे में भवन के अधूरे पड़े हिस्सों में सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए है। जहां से बैजंती गिरी, कभी भी कोई बच्चा या अन्य हादसे का शिकार हो सकता है।

कथन

-सुबह लगभग चार बजे बैजंती राठौड़ छत से गिर गई थी जिसको प्राथमिक उपचार देकर जिला अस्पताल के लिए रैफर किया गया था।

डॉ. एचएस. सागर, हॉस्पिटल कैलारस।

मेरी मां रात को मामाजी की बहू की डिलेवरी करवाने कैलारस अस्पताल पहुंची, वहां सुबह करीब चार बजे प्रसूता वार्ड के बगल स्थित शौचालय की तरफ जाते समय वह अस्पताल की छत से नीचे की ओर गिर गई। जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई थी। अस्पताल में सुबह कोई डॉक्टर नही था। जिससे उन्हें आधा घण्टे लेट इलाज मिला। साथ ही मुरैना के लिए रैफर किया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

बंटी राठौड़ , मृतिका का बेटा।

फोटो,41ए-अधूरा पड़ा अस्पताल भवन, 42बी-वह स्थान जहां से बैजंती नीचे आ गिरी, 42सी-मृतिका बैजंती राठौड