फोटो 7ए। निर्वाचन कार्यालय।

मुरैना। पिछले चुनाव में निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं के पास मतदाता पर्ची पहुंचाई थी। हालांकि पिछली बार मतदाता सूची सामान्य थी, लेकिन इस बार मतदाता सूची सामान्य नहीं है। उसमें मतदाता का फोटो भी रहेगा। खासबात यह है कि इस बार मतदाता सूची मतदान के दिन तक नहीं बांटी जाएंगी। बल्कि दो तीन दिन पहले तक ही बांटी जाएंगी। इसके बाद यदि मतदाताओं तक पर्ची नहीं पहुंचेगी तो मतदाता को अपने विभिन्ना पहचान पत्रों के साथ ही मतदान करना होगा। मतदाता पर्ची को वोटरों के घर तक बीएलओ पहुंचाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पहले चुनावों में मतदाताओं के पास प्रत्याशी के कार्यकर्ता मतदाता पर्ची पहुंचाते थे, लेकिन अब निर्वाचन आयोग ने भी अपनी तरफ से पर्ची पहुंचाने का काम शुरू कर दिया। बीएलओ घर-घर मतदाताओं तक पर्ची पहुंचाएंगे। यदि मतदाता पर्ची पहुंचाने में किसी भी बीएलओ ने लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कोई भी प्रत्याशी व उसके कार्यकर्ता पर्ची के नाम पर मतदाताओं को प्रलोभन न दे सकें।

इसलिए आयोग कर रहा है काम

मतदाताओं में मतदान के लिए प्रति जागरूकता पैदा करने व उन्हें मतदान केन्द्र तक लाने का प्रयास निर्वाचन आयोग कर रहा है। इसी के तहत मतदाता पर्ची तैयार की जा रही हैं। साथ ही मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए पोस्टर, बैनर व होर्डिंग भी आयोग ने लगवाए हैं।

पार्टी व प्रत्याशियों पर भी रोक नहीं

हालांकि निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों व पार्टियों द्वारा पहुंचाई जाने वाली पर्चियों पर रोक नहीं लगाई है। लेकिन इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पर्चियां आचार संहिता के दायरे में ही बांटी जाएं। पर्चियों पर किसी तरह का चुनाव चिन्ह, स्लोगन व मतदाताओं को प्रभावित करने वाली सामग्री नहीं होनी चाहिए।

सात दिन पहले से शुरू हो जाएगा पर्ची बांटने का काम

जिले की सभी विधानसभाओं में 13 लाख से अधिक मतदाता हैं। मतदान वाले दिन से सात दिन पहले मतदाताओं तक पर्चियां पहुंचाने का काम शुरू हो जाएगा। मतदान के एक दिन पहले सभी 13 लाख से अधिक मतदाताओं के पास पर्चियां पहुंच जाएंगी।