फोटो 8ए व बी। घुड़दौड़ के दौरान नाचती घोड़ी।

8सी। घुड़दौड़ देखने उमड़े लोग।

4 डी व ई। घुड़दौड़ में भाग लेते घुड़सवार।

- लीला मेला का तीसरा दिन। रविवार को होगी भगवान की विदाई

मुरैना। इस बार लीला मेले में होने वाले घुड़दौड़ फीकी रही। इसकी वजह यह थी कि इस बार लीला मेले में जीतने वाले घोड़ी या घोड़े को ईनाम देने के लिए कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। इसकी वजह चुनाव अचार संहिता रही। जब घुड़दौड़ के आयोजन में कोई नहीं पहुंचा तो घुड़दौड़ कराने वाली कमेटी ने भी प्रतियोगिता को जल्द ही निपटा दिया। हालांकि मौके पर प्रतियोगिता के निर्णय भी नहीं दिए। कमेटी बाद में जीतने वाले की घोषणा करेगी।

उल्लेखनीय है कि लीला मेले में तीसरे दिन सुबह घुड़दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। घुड़दौड़ प्रतियोगिता में नगरनिगम की ओर विजेता घोड़ी के मालिक को पुरस्कार दिया जाता है, लेकिन चुनाव आचार संहिता होने से इस बार कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं आया। ऐसे में इस बार पूरा आयोजन फीका सा रहा। आयोजन कमेटी ने कुछ ही देर में पूरी प्रतियोगिता को समाप्त कर दिया।

जगह का भी रहा अभाव

इस बार घुड़दौड़ के लिए सही जगह नहीं थी। जहां पर हर साल घुड़दाड होती थी, वहां पर जिसका खेत था उसने फेसिंग लगा दी थी। इस वजह से इस बार बलदाऊ मंदिर के सामने ही कम जगह में घुड़दौड़ का आयोजन किया गया। ऐसे में प्रतियोगिता ठीक ढंग से नहीं हो सकी।

एक घायल भी हुआ

घुड़दौड़ के दौरान एक घोड़ी से उसका सवार नियंत्रण खो बैठा और वह आसपास घुड़दौड़ देख रहे लोगों के बीच में चली गई। जिसकी वजह से एक युवक घायल हो गया। हालांकि युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार देकर वापस कर दिया गया।

आज होगी भगवान की विदाई

साढ़े तीन दिन की मेहमानी के बाद रविवार को भगवान श्रीकृष्ण व उनके बड़े भाई बलदाऊ को विदा किया जाएगा। उल्लेखनीय कि भगवान श्रीकृष्ण व बलदाऊ दीपावली के दूसरे दिन मुरैना गांव में साढ़े तीन दिन की मेहमानी पर आते हैं। इस दौरान मथुरा में बिहारीजी मंदिर के पट बंद रहते हैं।

हुए कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

लीला मेले में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें कन्हैया गायन, लोकगीत प्रतियोगिता सहित अन्य आयोजन हुए। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।