फोटो3 ए- जेल में लगाई गई सुरक्षा जाली।

-मुरैना जेल ब्रेक के बाद साल भर में पूरा हो सका जाली का काम

-अब तीन जगहों पर रोके जा रहे बाहर से आने वाले लोग

मुरैना। जिला जेल मुरैना में सुरक्षा व्यवस्था कछुए की चाल से ही सही, लेकिन सुद्रढ़ हो रही है। साल भर पहले जेल से दो बंदियों के भागने की घटना के बाद जिला जेल में एक और सुरक्षा घेरा बढ़ाने के लिए बजट स्वीकृत हुआ था। पीडब्ल्यूडी के जरिए ये काम होना था, लेकिन इसे पूरा एक साल लग गया। अब जाकर यह काम पूरा हो पाया है। जेल में संतरी पहरे के लिए और सुरक्षा पोस्ट निर्माणाधीन हैं।

जिले जेल में जाने के लिए अब किसी भी व्यक्ति को अब तीन सुरक्षा घेरों से होकर गुजरना पड़ रहा है। कम क्षेत्रफल की समस्या के कारण इस जेल में सुरक्षा का संकट गहरा गया था। बीते साल दो कैदी आसानी से जेल की छत से नीचे कूदकर जेल के मुख्य द्वार से भाग गए थे। इसके बाद जेल एडीजी डॉ. गाजीराम मीणा ने जेल निरीक्षण के दौरान मुख्य जेल भवन और बाहरी परकोटे के बीच में लोहे की ऊंची जालियां लगाने के लिए बजट स्वीकृत किया था। मौके पर ही पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को बुलाकर इसका प्रारूप तैयार करवाया गया था, लेकिन यह काम काफी समय बाद शुरू हुआ और बेहद धीमी गति से आगे बढ़ता रहा। हाल ही में यह काम पूरा हुआ है और अब जेल के मुख्य भवन के चारों तरफ 10 फीट ऊंची जारी काा एक घेरा बनाया गया।

जाली के हर प्रवेश द्वार पर प्रहरी तैनात

जारी के इस परकोटे में प्रवेश करने के लिए दो बाहरी गेट बनाए गए हैं वहीं एक गेट परिसर के भीतर बनाया गया है। मुख्य गेट पर हथियारबंद संतरी की तैनाती की गई है। जबकि बाकी द्वारों पर प्रहरी तैनात रखे जाते हैं। रात के समय भी प्रहरी बाहरी परिसर में निगरानी करते हैं। ऐसे में यहां प्रहरियों के ड्यूटी प्वाइंट भी बढ़ गए हैं।

अब ऐसे होता है लोगों का प्रवेश

जेल में बंदियों से मिलने वाले या अन्य कार्य से आने वाले लोगों को सबसे पहले जेल के प्रमुख द्वार से गुजरना होता है। यहां जेल में बने आवासों के लिए अब अलग रास्ता है और जेल में प्रवेश करने के लिए दूसरा गेट जालीदार परकोटे का है। यहां पर संतरी की अनुमति के बगैर मुलाकात परिसर में प्रवेश नहीं मिल सकता। इसके अलावा तीसरा द्वार जेल की मुख्य इमारत का होता है। यहां पर भी प्रहरी तैनात रहते हैं।

कथन

जाली लगने के बाद सुरक्षा में भी इजाफा हुआ है। अब लोगों को तीन प्रवेश द्वारों से गुजरना होता है। वहीं जेल ब्रेक जैसी घटनाओं की संभावना भी कम हुई है।

बीएल शर्मा, उप अधीक्षक जिला जेल मुरैना

स्थाई वारंटी को अवैध हथियार सहित पकड़ा

मुरैना। सिंहौनिया थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थाई वारंटी को अवैध हथियार सहत पकड़ लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपित स्थाई वारंटी शैलेंद्र पुत्र नेतराम ओझा निवासी बाबरीपुरा लंबे समय से फरार था। पुलिस ने आरोपित को उसके ही गांव से 315 बोर के कट्टे और जिंदा कारतूस के सहित पकड़ लिया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, यहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

प्रेक्षकों ने किया एमसीएमसी कक्ष का निरीक्षण

मुरैना। चुनाव की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिले में आए प्रेक्षकगणों ने शनिवार को एमसीएमसी कक्ष का निरीक्षण किया। साथ ही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पेड न्यूज एवं विज्ञापनो पर एमसीएससी के कार्य को देखा। उन्होंने पेड न्यूज मॉनीटरिंग सेल के निरीक्षण के दौरान मॉनीटरिंग में लगे स्टाफ से न्यूज चैनलों पर प्रसारित होने वाली खबरों, विज्ञापनों आदि के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भरत यादव भी उपस्थित थे। उन्होनें प्रेक्षकगणों को पेड न्यूज मॉनीटरिंग सेल के कार्यो से अवगत कराया।