मुरैना। नईदुनिया प्रतिनिधि

विश्व भर में विख्यात मुरैना के एंती गांव स्थित शनि मंदिर तक अच्छे पहुंच मार्गों का अभाव है। यहां पहुंचने के चार मुख्य रास्ते हैं, जिनकी हालत खराब है। इन रास्तों को शनि अमावस्या पर लगने वाले मेलों से पहले फौरी तौर पर दुरुस्त कर दिया जाता है। लेकिन पक्की मरम्मत न होने से कुछ ही दिन में रास्ते फिर खराब हो जाते हैं। इस बार 5 जनवरी को शनि अमावस्या से पहले भी इन खराब रास्तों को दुरुस्त नहीं किया जा सका। अधिकारी खुद वीआईपी मार्ग से बैठक लेने यहां पहुंचे थे, इसलिए उन्हें साधारण लोगों के लिए उपयोग होने वाले आम रास्तों की दिक्कत नजर नहीं आ सकी।

शनिमंदिर की ख्याती देश और विदेश तक है। यहां आम तौर पर हर शनिवार को देश भर से लोग आते हैं। शनि अमावस्या पर यहां वाहनों की संख्या हजारों में और भक्तों की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। इतनी संख्या में ट्रैफिक के आवागमन के लिहाज से यहां पहुंचने वाले सड़क मार्ग तैयार नहीं किया गए हैं। यहां जितनी भी सड़कें हैं सभी बेहद सकरी हैं और गड्ढों से भरी पड़ी हैं। ऐसा कोई मार्ग नहीं जहां से आसानी से यहां तक पहुंचा जा सके। प्रशासन ने सिर्फ बानमोर और शनिश्चरा रेलवे स्टेशन तिराहे पर ही शनि मंदिर का पता बताने वाले बोर्ड और संकेतक लगाए हैं। ऐसे में आम तौर पर बाहर से हाइवे के रास्ते आने वाले लोग अक्सर यहां परेशान हो जाते हैं।

यह चार प्रमुख मार्गः

शनिश्चरा पहुंचने के यहां मुख्य चार मार्ग हैं। मुरैना और ग्वालियर मुख्यालय के इन रास्तों से शनि मंदिर की दूरी 32 से 35 किमी तक पड़ती है। इनमें मुरैना से जाने वाले प्रमुख मार्ग तीन हैं। एक रास्ता टेकरी से मितवली पढ़ावली होकर शनि मंदिर तक पहुंचता है। दूसरा रास्ता नूराबाद की गढ़ी के पास से गुजरता है। तीसरा रास्ता बानमोर में रेलवे फाटक से होकर गुजरता है। चौथा रास्ता ग्वालियर बाईपास हाइवे से शनिश्चरा स्टेशन तक आता है। इनमें से लगभग सभी रास्तों की हालत खराब है। वीआईपी मार्ग भी इसमें शामिल हैं।

इसलिए खराब हो जाते हैं रास्तेः

यह रास्ते सिर्फ हल्के वाहनों की क्षमता के हिसाब से बने है,लेकिन यहां से गिट्टी के ट्रक और मिंट स्टोन के बड़े-बड़े ब्लॉक लेकर चलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते हैं। जिसके चलते कुछ ही समय में ये रास्ते खराब हो जाते हैं। ऐसे में या तो इन सड़कों को अधिक लोड के हिसाब से बनाया जाना चाहिए। या फिर यहां पर भारी वाहनों के संचालन के लिए निश्चित रूट तय कर दिया जाना चाहिए।

फोटो ए- खराब सड़क मार्ग- फाइल फोटो