मुरैना। नईदुनिया प्रतिनिधि

जौरा रोड पर रविवार सुबह ननि की लापरवाही की वजह से एक युवक वाहन की चपेट में आ गया था। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई थी। नगरनिगम की लापरवाही की वजह से शहर की सभी सड़कें दुर्घटना के लिहाज से काफी संवेनशील व खतरनाक हो गई हैं। जिसकी वजह से शहर की सड़कों पर रोजाना लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। खासबात यह है कि नगरनिगम यदि सड़कों पर सुरक्षा के इंतजाम करे और सड़कों की कमियों को दूर कर दे तो दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है। लेकिन नगरनिगम इस ओर ध्यान नहीं नहीं दे रहा है।

उल्लेखनीय है कि शहरी क्षेत्र में अधिकतर सड़कें तो नगरनिगम की हैं। कुछ सड़कें एमपीआारडीसी व एनएचएआई की हैं। एनएचएआई के हाइवे को छोड़ दिया जाए तो एमपीआरडीसी की सड़कों पर भी नगरनिगम की लापरवाही से ही दुर्घटनाएं हो रही हैं। हालांकि इन सड़कों की मरम्मत का काम एमपीआरडीसी का है। लेकिन सड़क के दोनों किनारों पर रखरखाव ननि को ही करना है। साथ ही जो सबसे अधिक हालत ननि की सड़कों की है। जो तकनीकी खामी सहित खराब होने से दुर्घटना की वजह बन रही है। नई दुनिया ने शहर की सड़कों का हाल जाना कि कौन सी सड़क पर क्या खामी है, जिसकी वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं।

1. एमएस रोडः ओवरब्रिज से शुरू होकर सबलगढ़ तक बनी इस सड़क का करीब छह किमी का हिस्सा शहरी क्षेत्र में आता है। शहरी क्षेत्र में सड़क की मरम्मत का काम तो एमपीआरडीसी का है। लेकिन आसपास नाले बनवाना, फुटपाथ बनवाने काम ननि का है। शहर में यह सड़क मुरैना गांव से लेकर ओवरब्रिज तक आती है।

कहां कहां पर हैं दुर्घटना के प्वाइंटः

- वर्तमान में पूरी एमएस रोड ही दुर्घटना बहुल्य क्षेत्र में आ गई है। इसकी वजह यह है कि सड़क पर ननि सीवर लाइन के लिए खुदाई करा रहा है। ऐसे में पूरी सड़क ही दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील हो गई है। सीवर कंपनी ने अपनी तरफ से सुरक्षा के इंताजाम नहीं किए है।

- एमएस रोड पर डिवायडर जगह जगह टूट गए हैें और निर्धारित ऊंचाई के भी नहीं हैं। ऐसे में वाहन सीधे क्रास होते हैं और दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

2. जौरा रोडः जौरा रोड पर बैरियर चौराहे से लेकर मुरैना गांव के बीच में यूं तो डिवायडर है और यह सड़क एनएच 552 के तहत आती है, लेकिन सड़क के किनारे नाले बनवाने व उनकी सफाई काम नगरनिगम का है। लेकिन दोनों ही काम नगरनिगम नहीं कर रहा है। इस वजह से पूरी सड़क ही खतरनाक हो गया।

कहां कहां पर हैं दुर्घटना के प्वाइंटः

- बैरियर चौराहे से लेकर महाराजपुरा चौराहे तक सड़क के नाले नगरनिगम को बनान हैं। कॉलेज के पास नाले का निर्माण अधूरा पड़ा है और मटेरियल सड़कों पर है। जिसकी वजह से रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं।

- सोलंकी पेट्रोल पंप के पास सड़क के किनारे के नाले चौक हैं। इस वजह से सड़क पर पानी भर गया है। जिसकी वजह से लोग सड़क के बीच से जा रहे हैं और वाहनों की चपेट में आ रहे हैं। लेकिन ननि नालों की सफाई नहीं करा रहा है।

3. वनखंडी रोडः

कोर्ट तिराहे से लेकर संजय कॉलोनी के बीच में वनखंडी रोड पर कई जगहों पर दुर्घटना के प्वाइंट हैं,लेकिन नगरनिगम इन प्वाइंटों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए हैं। इस वजह से यह सड़क पर भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। लेकिन ननि इन जगहों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं कर रहा है।

कहां कहां पर हैं दुर्घटना के प्वाईंटः

- संजय कॉलोनी के पास पुरानी बच्चों की जेल के सामने सड़क के किनारे नाले के गहरे गड्ढे हैं। अक्सर रात में इन गड्ढों की वजह से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। लेकिन ननि इन गड्ढों को भरकर सड़क को समतल नहीं करा रहा है।

- त्रिवेणी धर्मशाला के आसपास के क्षेत्र में सड़क पर ही कचरे के ढेर लगे रहते हैं। जिसकी वजह से सड़क काफी संकरी हो जाती है। ऐसे में अक्सर वाहन दुर्घटनाग्रसत हो जाते हैं।

ये सड़कें भी हैं खतरनाकः

शहर में वेयर हाउस रोड, माधौपुरा से कृषि उपज मंडी रोड, पुराने बस स्टैंड से माधौपुरा की रोड भी काफी खतरनाक हालत में हैं। इन सड़कों पर दुर्घटनाएं होती हैं। क्योंकि सड़कों पर न केवल गड्ढे हैं, बल्कि सड़कों में तकनीकी खामी भी हैं। जिसकी वजह से वाहन सवार घायल होते रहते हैं।

कथन

- सड़कों पर काम करने वाली सभी एजेंसियों को सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। यदि वे पालन नहीं कर रहे हैं तो मौके पर देखकर उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे और सुरक्षा के इंतजाम कराएंगे।

केके शर्मा, कार्यपालन यंत्री, मुरैना

-फोटो 1ए। ननि की लापरवाही से भरा जौरा रोड पर पानी। 1 बी। एमएस रोड पर चलता सीवर काम।