Naidunia
    Thursday, April 19, 2018
    PreviousNext

    वन हमले की जीप में मारी टक्कर, ड्रायवर का गला घोंटने का प्रयास

    Published: Thu, 27 Jul 2017 03:27 PM (IST) | Updated: Fri, 28 Jul 2017 12:02 PM (IST)
    By: Editorial Team
    stone mafia morena 27 07 2017

    मुरैना। नूराबाद थाना क्षेत्र के तहत करह आश्रम के पास एक पत्थर से भरे टैक्टर-ट्रॉली ने वन विभाग की जीप में टक्कर मारकर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के समय कुछ स्टाफ सड़क पर खड़ा था जबकि ड्राइवर बादशाह तोमर जीप में ही थे, जिन्हें हल्की चोटे आई हैं। ट्रैक्टर के पकड़े जाने के डर से माफिया ने वन महकमे पर पथराव शुरू कर दिया।

    वन विभाग के मुताबिक माफिया ने कट्टे से फायर किया, जिसके बाद वन विभाग ने भी फायर किए। वन विभाग द्वारा की गई फायरिंग में एक आरोप को छर्रे लगे जबकि एक अन्य आरोपी लाठी की चोट से जख्मी हो गया। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर इस बात की जांच शुरू कर दी है कि छर्रे से जख्मी आरोपी को जो छर्रे लगे हैं वह वन विभाग की बंदूक के हैं या नहीं।

    वन अधिकारियों के मुताबिक वन चौकी पहाड़ी के फोरेस्टर रमेश कोठारी सुबह वन अमले के साथ सरकारी जीप में सवार होकर सुमावली रोड पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। श्री कोठारी को यहां से अवैध पत्थर खनन की सूचना मिली थी। जिसके चलते श्री कोठारी ने सरकारी जीप को करह आश्रम से करीब 1500 मीटर दूर सड़क पर खड़ी करवा दी और स्टाफ सड़क पर खड़ा हो गया। इस दौरान जंगल से पत्थर लेकर आ रही एक ट्रॉली वन महकमे को आते दिखी।

    महकमे को देखकर ट्रैक्टर चला रहे आरोपी ने ट्रैक्टर की गति बढ़ा दी और सीधे वन विभाग की जीप को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही जीप ड्राइवर बादशाह तोमर सहित सड़क से नीचे उतर गई। गनीमत रही कि ड्राइवर श्री तोमर के हाथ में ही मामूली चोट आई। टक्कर के बाद ट्रॉली अचानक पलट गई। ट्रॉली पलटने के बाद आरोपियों को लगा कि अब ट्रैक्टर जब्त हो जाएगा। इसके बाद आरोपियों ने वन विभाग पर पथराव शुरू कर दिया। इसी बीच एक आरोपी ने कट्टे से फायर किए। इसके बाद वन कर्मियों ने भी यूएस मेड रायफल से करीब 10 गोलियां चलाईं।

    घायल हो गए आरोपी तो वन विभाग के फूल गए हाथ पांव

    वन विभाग की जवाबी फायरिंग में ट्रैक्टर सवार आरोपी राजकुमार गुर्जर निवासी जीवाराम का पुरा धनेला को बंदूक से निकलने वाले छर्रे शरीर में जगह-जगह जा लगे। वहीं एक वन कर्मी की लाठी से आरोपी दिलीप की कमर में चोट आ गई। आरोपियों में से एक को छर्रे लगने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए। वन विभाग ने मौके पर फायरिंग की बात स्वीकार की, लेकिन किसी के जख्मी होने की बात को नकार दिया।

    पहले नकारा फिर मान लिया आरोपी

    इस मामले में आरोपी राजकुमार गुर्जर को वन विभाग की बंदूक से निकले छर्रे लगने के कारण पहले वन विभाग ने किसी भी आरोपी के पकड़े जाने या जख्मी होने से इनकार किया, लेकिन जब आरोपी उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए तो एफआईआर कराते समय वन विभाग ने दोनों के नाम पुलिस को बताए। खुद एसडीओपी ने स्वीकार किया कि आरोपियों में से एक को ग्वालियर रेफर किया गया है और पुलिस को आरोपियों के अस्पताल में होने की जानकारी है।

    घायल दिलीप ने यह बताई कहानी

    अस्पताल में जख्मी हालत में आए राजकुमार व दिलीप ने बताया कि वह डांग में पत्थर भरने गए थे। वहां जब लौट रहे थे तो उन्होंने कहा कि पीछे फारेस्ट की गाड़ी थी। उन्होंने कहा कि उनकी ट्रॉली फॉरेस्ट की जीप पर पलट गई। उनके मुताबिक वन विभाग ने फायरिंग की जिसके चलते राजकुमार को बंदूक के छर्रे लगे। घायल राजकुमार को जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर कर दिया गया है।

    मैं गाड़ी में था और स्टाफ सड़क पर। स्टाफ ने ट्रैक्टर को रोका तो उन्होंने सीधे गाड़ी में टक्कर मारी। जिससे मेरे हाथ में चोट आई। ट्रॉली भी पलट गई। ट्रॉली को बचाने के लिए उन्होंने पथराव और फायरिंग शुरू कर दी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को छुड़ा ले गए। हमारी तरफ से और किसी को कोई चोट नहीं आई है। बादशाह तोमर, ड्राइवर वन विभाग

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें