सबलगढ़ (मुरैना)। खार नाले के पास से गुजर रही 20 वर्षीय युवती के कानों में एक बच्चे के रोने की आवाज पड़ी। नजर गड़ाकर युवती ने देखा तो एक बच्चा पूरी तरह से नाले के दलदल में धंसा हुआ था और उसे निकालने के लिए इतना समय नहीं था कि किसी को बुलाया जा सके। युवती ने बिना किसी परवाह के नाले में छलांग लगा दी और बच्चे को बाहर निकाला। इस दौरान लोगों की नजर इस ओर गई। इसके बाद दोनों को बाहर निकाल लिया गया।

ये घटना करीब 4 दिन पहले की है। शाम करीब साढ़े छह बजे नीलम कॉलोनी निवासी सुधीर गुप्ता का चार वर्षीय पुत्र काव्यांश बच्चों के साथ खेलते समय कॉलोनी के पीछे बने खारनाला में गिर गया। वह नाले में बने दलदल में समाने लगा। इसी दौरान पास से अपनी मां के साथ गुजर रही रामप्रकाश गोयल की 20 वर्षीय पुत्री कोमल को ऐसा आभास हुआ कि नाले में कोई गिरा है। जब तक उसकी मां कुछ समझ पाती तब तक कोमल अपनी जान की परवाह न करते हुए नाले में कूद गई और बालक का हाथ पकड़कर दलदल से बाहर खींच लिया। इस दौरान कोमल की मां ने दूसरे लोगों को मदद के लिए पुकारा। लोगों ने कोमल और बच्चे को नाले से बाहर निकाला।

पैरो में आई है चोट

कोमल ने बहादुरी दिखाते हुए बालक को तो सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन कोमल के पैर नाले के पत्थर और शीशे के टुकड़ों के कारण बुरी तरह से छिल गए। अब बालक पूरी तरह सुरक्षित है और कोमल भी अपना उपचार करवा रही हैं। कोमल के इस साहसिक कदम की कस्बे में प्रशंसा की जा रही है।

प्रशासन से मांग, मिले सम्मान

लोगों की मानें तो जिस जगह पर कोमल ने बालक को दलदल से बचाया, वहां आसानी से किसी की नजर बच्चे पर नहीं पड़ सकती। अगर कोमल वहां पहुंचकर बिना देर किए नाले में नहीं कूदती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसलिए लोग कोमल को सम्मानित करने की मांग शासन से कर रहे हैं।