भोपाल (मप्र)। राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के ई-प्रिक्योरमेंट के ओएसडी नंदकिशोर ब्रह्मे के लॉकर की तलाशी में आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को ई-टेंडर घोटाले से जुड़े कुछ दस्तावेज मिले हैं। हालांकि इनका अभी परीक्षण किया जा रहा है।

वहीं, बेंगलुरु की अंट्रेस सॉफ्टवेयर कंपनी में डाटा रिकॉर्ड की जब्त करने गई ईओडब्ल्यू की टीम अभी वापस नहीं लौटी है। बताया जाता है कि ई-टेंडर घोटाले से जुड़ी अंट्रेस सॉफ्टवेयर कंपनी के सर्वर से डाटा जब्त करने के लिए गई टीम का काम अभी पूरा नहीं हो सका है। टीम वहां से कंप्यूटर की फॉरेंसिक इमेज बनाकर जब्ती की कार्रवाई कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक बुधवार को सरकारी अवकाश होने के बाद भी ईओडब्ल्यू में पुलिस रिमांड पर लिए गए ब्रह्मे सहित वरुण चतुर्वेदी, विनय चौधरी व सुमित गोलवलकर से पूछताछ की गई। जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों की टीम ने कई दौर में अलग-अलग पूछताछ की है।

पुलिस रिमांड खत्म होने के कारण चारों आरोपितों को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, ईओडब्ल्यू द्वारा रविवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में हुई गड़बड़ियों को लेकर दर्ज किए गए मामले में भी जांच की जा रही है। सरकार की तीन सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर विवि से जल्द ही गड़बड़ियों से संबंधित दस्तावेजों की मांग की जाएगी।