फेसबुक पर मनोज शुक्ला लिखते हैं कि भोपाल में छेड़छाड़ की वजह से छात्रा द्वारा आत्महत्या करने की घटना सभ्य समाज पर तमाचा है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर आज भी हम किस समाज में जी रहे हैं। शहरों में इस तरह की घटना हो रही है तो कस्बों और गांवों में क्या स्थिति होती होगी ? पुलिस को कम से कम कॉलेजों और स्कूलों के आसपास सुरक्षा बढ़ाना चाहिए। आरके यादव लिखते हैं कि इस मामले में आरोपित को कड़ी सजा मिलना चाहिए ताकि आगे से कोई ऐसी घटना को अंजाम देने की हिम्मत न करे। यह निंदनीय घटना है। एक होनहार छात्रा को हमने खो दिया।