भोपाल। पुलिस कंप्यूटर संवर्ग आरक्षक भर्ती परीक्षा में मथुरा का एक युवक अपने स्थान पर किसी अन्य को शामिल कराकर सफल होने में कामयाब हो गया। लेकिन जब वह छिंदवाड़ा में ज्वाइनिंग देने पहुंचा,तो बॉयो मेट्रिक टेस्ट में उसकी पोल खुल गई। पड़ताल में पुलिस को पता चला कि युवक के लिखित परीक्षा के समय लिए गए फिंगर प्रिंट,फिजिकल टेस्ट के दौरान लिए गए फिंगर प्रिंट से अलग हैं।

बिलखिरिया पुलिस के मुताबिक जुलाई 2016 में पुलिस कंप्यूटर संवर्ग परीक्षा का आयोजन हुआ था। इसमें बॉयोमेट्रिक से वेरिफिकेशन के बाद ही अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल किया गया था। रायसेन रोड स्थित ट्रिनिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलेज में हुई परीक्षा में उत्तरप्रदेश के मथुरा में रहने वाले ऋषिकुमार नामक युवक ने भी हिस्सा लिया था।

इस इम्तिहान का फिजिकल टेस्ट मोती लाल नेहरू स्टेडियम में हुआ था। इसके लिए भी संबंधित अभ्यार्थी के फिंगर प्रिंट लिए गए थे। बिलखिरिया थाना प्रभारी वीएस सेंगर ने बताया कि इस परीक्षा के सफल अभ्यार्थियों को प्रदेश के विभिन्न् जिलों की यूनिट में प्रवेश के लिए पत्र जारी किए गए थे।

सभी यूनिटों में ज्वाइनिंग देने के पहले बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होता है। इसी क्रम में जब ऋषिकुमार का नंबर आया तो उसके लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट के समय लिए गए फ्रिंगर प्रिंट भिन्न पाए गए।

फर्जीवाड़ा का शक होने पर छिंदवाड़ा के कुंडीपुरा थाने में ऋषिकुमार के खिलाफ जीरो पर धोखाधड़ी,जालसाजी करने का केस दर्ज कर केस डायरी बिलखिरिया थाने भेजी गई है। टीआई सेंगर ने बताया कि या तो ऋषिकुमार ने लिखित परीक्षा में किसी और को अपने नाम से शामिल कराया था,या फिर फिजिकल टेस्ट ऋषिकुमार के स्थान पर किसी और ने दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।