अनूपपुर।

भाद्रपद महीने की शुक्लपक्ष सप्तमी तिथि रविवार को महिलाओं द्वारा संतान की उन्नति व लंबी आयु के लिए संतान सप्तमी का व्रत रखा। साल में एक बार पड़ने वाले व्रत को लेकर महिलाओं में अपनी संतान के लिए व्रत रखने खासा उत्साह रहा। इस व्रत में महिलाएं सुबह स्नान कर चौक बनाई और इसके बाद वहां गौरी-शंकर व श्री गणेश विराजमान कराकर कथा सुनी।

इस व्रत में पूजन के दौरान पकवान में प्रमुख रूप से सात मीठे पुए व खीर पूड़ी का भोग अर्पित किया गया। बताया गया संतान सप्तमी का व्रत लोमष ऋ षि के कहने पर देवकी मइया ने किया था। इसके प्रभाव से स्वयं भगवान कृष्ण ने उनके गर्भ से जन्म लिया स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने भी इस व्रत का रहस्य धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था। पूजन के दौरान संतान की सलामती के लिए महिलाओं ने चांदी की चूड़ी पर 7 टांके कराए थे व शिवजी को कलावा के रूप में चढ़ाया फिर खुद भी धारण किया।

नगर सहित समूचे जिले में इस व्रत को महिलाओं ने भक्ति भाव व आस्था के साथ किया। पूरे दिन भर संतान सप्तमी की पूजा घरों और मदिरों में होती रही। पूजन उपरांत महिलाओं ने व्रत का पारण किया।