नरसिंहपुर। चोरी के मामले में पूछताछ के लिए करेली थाने लाए गए युवक की पुलिस कस्टडी में जहर खाने से मौत हो गई। घटना के बाद एसपी ने थाना प्रभारी समेत 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दे दिए हैं।

जिले के करेली थानांतर्गत ग्राम इमझिरी निवासी अनुराग (22) पिता उपेंद्र राजपूत को भैंस चोरी मामले में पुलिस सोमवार दोपहर पूछताछ के लिए थाने लेकर आई थी। बाद में मंगलवार शाम उसे धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। थाने में इसी दरम्यान रात को उसने जहर (सल्फास) खा लिया। गंभीर हालत में उसे करेली सामुदायिक केंद्र लाया गया। यहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

पिता बोला- लड़का थाने में था तो सल्फास कैसे खा लिया

मृतक के पिता उपेंद्र के मुताबिक चार दिन से लड़का थाने में था, तो न ही वो फांसी लगा सकता है और न सल्फास खा सकता है। थाने के अंदर पुलिस ने उसकी पिटाई की। इसके निशान भी साफ दिख रहे हैं। मारपीट की वजह से ही उसकी मौत हुई है। 'मेरा बच्चा पुलिस के कारण ही मरा है।" साथ ही पिता ने कहा कि बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस घर पहुंची और मुझसे कहने लगी कि तुम्हारे बयान होना हैं। थाने चलना होगा। पूछने पर कारण भी नहीं बताया। रास्ते में बताया कि तुम्हारा लड़का खत्म हो गया है।

यह हुए निलंबित

करेली थाना प्रभारी अरविंद चौबे, उपनिरीक्षक जगदीश यादव, एएसआई बसंत शर्मा, प्रधान आरक्षक बिरजू ठाकुर, आरक्षक राजकुमार।

इनका कहना है

प्रथम दृष्टया लापरवाही पर पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी समेत एक एसआई, एएसआई, प्रधान आरक्षक और आरक्षक को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर न्यायिक जांच के आदेश हो गए हैं। युवक को धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया था। जांच के बाद ही सबकुछ स्पष्ट हो सकेगा।

- अभिषेक राजन, एएसपी नरसिंहपुर